सीएचसी के अधीक्षक पर फार्मासिस्ट को थप्पड़ मारने का आरोप, हंगामा
अयोध्या। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसौधा में शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे मरीजों की भीड़ के बीच अधीक्षक और सीनियर फार्मासिस्ट में कहासुनी हो गई। आरोप है कि गाली-गलौज करते हुए अधीक्षक ने फार्मासिस्ट का कॉलर पकड़ थप्पड़ भी जड़ दिया।
इसकी भनक लगते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। कर्मचारी कमरों में तालाबंदी कर बाहर निकल आए और प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब चार घंटे तक रहे अराजकता के माहौल में डॉक्टर, कर्मचारी और मरीजों में अफरा-तफरी मची रही। घंटों बाद पहुंचे एडिशनल सीएमओ सीबी द्विवेदी ने बीच बचाव कर मामला कुछ शांत कराया लेकिन डॉक्टर और कर्मचारी काम पर नहीं लौटे।
जांच के दौरान एडिशनल सीएमओ ने करीब आधा दर्जन कर्मचारियों को अनुपस्थित कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को मरीजों का आवागमन जारी था। फार्मेसिस्ट वीपी सिंह कुत्ते का इंजेक्शन मरीजों को लगा रहे थे।
वहीं दूसरी तरफ सीएचसी के कर्मचारी दीपचंद की पुत्री 12 वर्षीय अनामिका अस्पताल में भर्ती थी। अन्य मरीजों को डॉ. दिनेश वर्मा और डॉ. अबसार अली अंसारी देख रहे थे।
आरोप है कि इसी बीच करीब 10:30 बजे अधीक्षक डॉ. बीएन यादव पहुंचे और मरीजों की भीड़ देखते ही भड़क गए। उन्होंने कहा कि स्टाफ कर्मचारी दीपचंद की पुत्री अनामिका को किसने भर्ती किया, कोई डॉक्टर और कर्मचारी अब यहां अपने घर का मरीज भर्ती नहीं करेगा।
इसी बीच अधीक्षक के सामने पड़े चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लाले को भी गाली देने की बात सामने आई। गाली गलौज सुन सभी कर्मचारी और डॉक्टर अधीक्षक के तेवर का विरोध करने लगे। बात बढ़ने पर कहासुनी हो गई।
आरोप है यह भी है कि इसी बीच अधीक्षक ने फार्मासिस्ट का कॉलर पकड़ थप्पड़ भी जड़ दिया। देखते ही देखते माहौल अराजक हो गया और समूचे सीएचसी परिसर में हड़कंप मच गया।
सभी कर्मचारी अपने अपने कक्ष में तालाबंदी कर बाहर निकल आए और अधीक्षक के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। करीब चार घंटे तक चले इस अराजकता के माहौल की खबर सुनते ही एडिशनल सीएमओ डॉ. सीवी द्विवेदी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों का समझाने का प्रयास किया।
लेकिन डॉक्टर और कर्मचारी इस जिद पर अड़े थे कि जब तक अधीक्षक को किए की सजा नहीं मिलेगी हम काम पर नहीं लौटेंगे। वहीं दूसरी तरफ मरीजों की भीड़ देख अधीक्षक खुद दवा वितरण कक्ष में पहुंचकर मरीजों को दवा देने लगे।
इस दौरान एडिशनल सीएमओ ने उपस्थिति पंजिका चेकिंग के दौरान आधा दर्जन कर्मचारियों को अनुपस्थित कर दिया। वहीं दूसरी तरफ इलाज कराने आए कृष्ण कुमार जिलौदीपुर, दीनानाथ बरवा, काशीराम चांदपुर, हरिश्चंद्र मसौधा, महेंद्र कुमार नैपुरा, संजीत हांसापुर, कृष्ण कुमार लालबाग समेत दर्जनभर मरीज सीएचसी अस्पताल में अराजकता देख भाग खड़े हुए।
जिन्हें एडिशनल सीएमओ ने रोक कर इलाज व दवा दिलाने का काम शुरू कराया। सीएचसी प्रभारी अधीक्षक डॉ. बीएन यादव ने बताया कि कर्मचारियों के आरोप निराधार है।
किसी के साथ गाली-गलौज नहीं हुई और न ही किसी की कॉलर पकड़े जाने जैसी कोई बात है। अलबत्ता व्यवस्था में कर्मचारियों की खामियां देख फटकारा गया। जिसको कर्मचारियों ने तूल दे दिया।
वहीं, फार्मासिस्ट वीपी सिंह ने अधीक्षक पर गाली गलौज व थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। एसीएमओ डॉ. सीबी द्विवेदी ने कहा कि सीएचसी मसौधा में जो कुछ हुआ वह बहुत ही निंदनीय है। समूचे घटनाक्रम का शिकायती पत्र डॉ. अबसार अली अंसारी से लिया गया है। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। जांच की जा रही है। सीएचसी में स्थित अब सामान्य है।