अयोध्या में हुए फिदाईन हमले के पीड़ितों ने ली सुकून की सांस
अयोध्या। वर्ष 2005 में अयोध्या में हुई फिदायन हमले की पीड़ितों ने एयर स्ट्राइक की प्रशंसा की और आतंकवादियों के मारे जाने पर सुकून की सांस ली। पीड़ितों ने कहा कि आतंकी हमले में हमने अपनों को खोया है, घटना के 12 साल बीत गए हैं लेकिन हमारे जख्म अभी भी हरे हैं।
भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने हमें राहत प्रदान की है। वर्ष 2005 में हुए आतंकी हमले में दवा लेने गई शंाति देवी धमाके का शिकार हो गईं थी। उनके पति रामचंद्र यादव ने बताया कि आतंकवादियों ने हमारा परिवार ही उजाड़ दिया।
भारतीय सेना की इस कार्रवाई ने हमें सुकून दिया है, एक भी आतंकवादी को छोड़ना नहीं चाहिए। भगवान का मुकुट बनाकर आजीविका चलाने वाले कृष्ण स्वरूप मिश्र का परिवार भी आतंकी हमले का दंश झेल रहा है।
कृष्ण स्वरूप के पुत्र रवि स्वरूप ने बताया कि आतंकवादी हमले में उनके पिता को गोली लगी थी बाद में उनकी मौत हो गई। हमारे कलेजे में जो आग जल रही थी वो आज 12 साल बाद ठंडी हुई है।
कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। फिदाइन हमले में धमाके का शिकार हुए गाईड रमेश पांडेय की पत्नी सुधा पांडेय की आंख में आंसू थे, लेकिन यह खुशी के थे। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों की असली जगह पर पहुंचाने का काम मोदी सरकार व भारतीय सेना ने किया है।