प्रतिमाओं के निर्माण में अनुकूल सामग्रियों व रंगों का करें प्रयोग
फैजाबाद। केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति साकेत के पदाधिकारियों की एक टीम ने बुधवार नगर में भ्रमण करके जिन स्थानों पर मां दुर्गा की मूर्तियां बन रही है, उनका निरीक्षण किया एवं मूर्तिकारों को निर्देशित किया कि प्रतिमाओं के निर्माण में प्रकृति के अनुकूल सामग्रियों व रंगों का ही प्रयोग करें।
प्रवक्ता डॉ. शैलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अध्यक्ष मनोज जायसवाल एवं पदाधिकारियों ने मूर्तिकारों को निर्देशित किया कि मूर्तियों में ऐसी सामग्रियों का प्रयोग न किया जाए जिससे विसर्जन के बाद जल प्रदूषित हो और मछलियां एवं कछुएं आदि समस्त जलचर अस्वस्थ हो जाए। बल्कि मूर्ति निर्माण में पर्यावरण के अनुकूल सामग्रियों जैसे फिटकरी, नीम के बीज, नारियल के छिलके, शुद्ध मिट्टी (क्ले), चाक पाउडर, खड़िया मिट्टी एवं पेपर आदि का प्रयोग किया जाए।
क्योंकि फिटकरी और नीम जल को शुद्ध करते है तथा खड़िया मिट्टी एवं चाक पाउडर चूने से बनते हैं यह भी जल को शुद्ध करते हैं। निर्देशित किया कि माता जी के वस्त्रों में केवल सूती वस्त्रों का ही प्रयोग किया जाए एवं मूर्तियों को रंगने में प्राकृतिक रंगों वाटर कलर का ही प्रयोग किया जाए। इस दौरान प्रेमनाथ राय, जेएन चतुर्वेदी, गगन जायसवाल, सुप्रीत कपूर, राजेश गौड़, बजरंगी साहू, अखिलेश पाठक, रोहिताश्व चंद्र एवं सुनील मौर्या आदि मौजूद रहे।
वहीं डीएम डॉ. अनिल कुमार ने दशहरा, दुर्गापूजा के त्योहार को लेकर गोसाईगंज दुर्गा पूजा समित कमेटियों के साथ बैठक की। बैठक में केंद्रीय पूजा व्यवस्था समिति के अध्यक्ष हेमंत कसौधन, महामंत्री अवधेश सेठ व राजेश तिवारी समस्याओं का पुलिंदा रखा गया। जिसे उन्होंने ठीक कराने का आश्वासन दिया। डीएम ने समिति के पदाधिकारियों से सहयोग मांगते हुए कहा कि मेले की सभी समस्याएं दूर होंगी।