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आबादी, स्कूल व धार्मिक स्थलों के पास खुले शराब के ठेके

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आबादी, स्कूल व धार्मिक स्थलों के पास खुले शराब के ठेके
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केस नंबर-1 : विरोध पर भी खुल गया ठेका
नगर कोतवाली के साहबगंज मोहल्ले में रामजानकी मंदिर व एसएसवी इंटर कॉलेज के पास खुले शराब के ठेके का खूब विरोध हुआ, मगर ठेका खुल गया। हालांकि वर्ष 2014 में इसे हटवाया भी गया था, लेकिन इस वर्ष जब खुला तो स्थानीय पार्षद समेत नागरिकों ने कई दिनों तक विरोध जताया। लेकिन नतीजा शून्य रहा। आज भी ठेका बदस्तूर जारी है।

केस नंबर-2 : बाद में प्रशासन ने हटवाया ठेका
बीकापुर कोतवाली के गोला बाजार इलाके में बुधई वीर बाबा के देवस्थान के पास खुले शराब के ठेके को लेकर लोगों का गुस्सा फूटा था। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने एसडीएम व डीएम को ज्ञापन भी दिया। मांगे नहीं माने जाने पर बाजार बंद करके भी विरोध जताया गया। लोगों का विरोध देखकर प्रशासन को झुकना पड़ा और ठेके को वहां से हटवा दिया गया।
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केस नंबर-3 : लोगों की मांग को किया अनसुना
गोसाईगंज के तेलियागढ़ मोहल्ले में भरी आबादी के बीच शराब का ठेका खुलने पर लोगों ने नाराजगी जताई। डीएम को दिए गए ज्ञापन में लोगों ने बताया था कि शराबी आने जाने वाली महिलाओं से छेड़छाड़ करते है, यहां तक लोगों ने घर में घुस कर कर अभद्रता करने का आरोप लगाया। लेकिन लोगों की मांगों को अनसुना कर दिया गया, लोग भी थकहार के बैठ गए। आज भी ठेका चल रहा है।

फैजाबाद। शराब के नए ठेके खुलने पर इस बार भी कुछ जगहों पर विरोध हुआ, लोग सड़क पर उतरे और अधिकारियों को हालात संभालने पड़े। लेकिन बीकापुर के गोलाबाजार को छोड़ बाकी करीब छह स्थानों पर नतीजा सिफर ही रहा। बीच आबादी, धार्मिक स्थल व स्कूल आदि के पास ठेके को लेकर आक्रोश के बावजूद आज भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नियमानुसार आबादी वाले इलाके, धार्मिक स्थल व स्कूल आदि के निकट शराब का ठेका नहीं खुल सकता है। इसके बावजूद जिले में ऐसे कई स्थानों पर शराब के ठेके चल रहे हैं। अयोध्या के पंचकोसीय मार्ग पर मोहबरा चौराहे पर खुले शराब के ठेके का साधु संत व स्थानीय लोग हमेशा विरोध करते हैं। इसके बावजूद करीब एक दशक से ये ठेका उस स्थान पर चल रहा है। इसके अलावा अमानीगंज आवासीय कॉलोनी के गेट पर ही खुले देसी शराब के ठेके को लेकर भी विरोध जताया गया। वहीं बीकापुर, रुदौली, सोहावल आदि क्षेत्रों में विरोध जताया गया लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर लोग चुपचाप बैठ गए।

जिले में कुल दुकानों की संख्या
कुल 349 दुकान
देसी 207
विदेशी 80
बीयर 60
मॉडल शॉप 02

1997 में जहरीली शराब से हुई थी 6 लोगों की मौत
फैजाबाद जनपद में जहरीली शराब से हुई घटनाओं की बात करें तो वर्ष 1997 में मवई इलाके के गांव संडवा होली के त्योहार पर जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इसमें तीन गांव निवासी थे जबकि अन्य तीन अपनी रिश्तेदारी में आए हुए थे। उस दौरान मामले में कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आसपास की अवैध शराब की भट्टियों पर कार्रवाई की गई थी।
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स्थलीय निरीक्षण के बाद ही दी जाती परमिशन
जिला आबकारी अधिकारी पार्थ रंजन घोष ने बताया कि शराब की दुकानों के खुलने से पूर्व ही आवंटियों को नियमों का पालन करने का शपथ पत्र लिया जाता है। इसके बाद स्थान का स्थलीय निरीक्षण भी किया जाता है। नियमानुसार होने पर ही दुकान खोलने की अनुमति दी जाती है। विरोध होने दोबारा जांचकर कार्रवाई की जाती है। अवैध शराब को लेकर हमेशा कार्रवाई की जाती है, साथ ही आवंटित दुकानों पर भी रूटीन चेकिंग की जाती है।
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