कार्रवाई की मांग को लेकर कार्य से विरत रहे
फैजाबाद। अधिवक्ता के भाई व पुत्रों पर दर्ज हुए जानलेवा हमले के मामले में वकीलों ने बुधवार को बैठक की। इसमें आक्रोशित वकीलों ने विपक्षियों व पूराकलंदर पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और न्यायिक कार्य से विरत रहकर कामकाज पूरी तरह से ठप कर दिया।
इसके बाद संघ अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय के नेतृत्व में तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी से मुलाकात करके उन्हें अधिवक्ता की ओर से तहरीर दी। जिस पर एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
पूराकलंदर थाना क्षेत्र के मूसेपुर गांव निवासी जब्बार के चक में ग्राम समाज की जमीन थी। इस जमीन का पट्टा गांव के दलितों के नाम हुआ था। मगर बीसों साल से इस पर दलित कब्जा नहीं पा रहे थे।
डीएम के आदेश पर पैमाइश हुई और पट्टेदारों को इस पर कब्जा दे दिया गया। आरोप है कि इस जमीन पर लगा हैंडपंप अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप सिंह के परिवार वालों ने तोड़ डाला और लाइसेंसी बंदूक से जान से मारने की नियत से फायरिंग भी की।
मामले में विपक्षी की तहरीर पर अधिवक्ता के भाई व पुत्रों के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस पर अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप सिंह के प्रस्ताव पर बुधवार को बार की बैठक बुलाई गई।
इसमें वकीलों ने अधिवक्ता के खिलाफ हुई ज्यादती पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि, अधिवक्ता के परिवार के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट स्पंज कराई जाए और विरोधियों के खिलाफ अधिवक्ता की ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हो।
बैठक में संघ अध्यक्ष ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। बैठक के बाद अध्यक्ष, मंत्री आलोक खरे व उपाध्यक्ष सुधांशु वाजपेयी ने एसएसपी से मुलाकात की। एसएसपी ने वकीलों की ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया है।
अध्यक्ष ने बताया कि, एसएसपी ने भरोसा दिलाया है कि, पीड़ित अधिवक्ता के परिवार की सुरक्षा की जाएगी। इस बारे में एसओ पूराकलंदर जगदीश उपाध्याय ने बताया कि, अधिवक्ता राजेंद्र प्रताप सिंह के परिवारीजनों ने दलितों को दौड़ाकर पीटा है।
जान से मारने की नियत से लाइसेंसी बंदूक से फायर भी किया था। एसओ का कहना है कि, घटना की वीडियोग्राफी उनके पास है, जिसे वे कोर्ट में देंगे। उन्होंने बताया कि, मामले में जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।