खतरे के निशान से सिर्फ 4 सेंमी. दूर है जलस्तर, हड़कंप
अयोध्या। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश व नेपाल से छोड़े गए पानी ने सरयू में हलचल मचानी शुरू कर दी है। सप्ताह भर से ऊपर-नीचे हो रहा नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान से मात्र चार सेंटीमीटर दूर उछाल मार रहा है। जिला प्रशासन ने बाढ़ व कटान के मद्देनजर राजस्व व सिंचाई विभाग को अलर्ट कर दिया है।
रुदौली तहसील और सदर तहसील के कक्षारीय इलाकों में कटान से हड़कंप मचा हुआ है। सैकड़ों बीघे खेती की भूमि व दर्जनभर मकानों के कटने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि बुधवार सुबह 8 बजे से जलस्तर एक ही बिंदु पर स्थिर होने और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में कमी से राहत के संकेत मिले है।
सरयू लाल निशान छूने को आतुर है। नदी में उफान के चलते तटवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों में दहशत का माहौल है, लोग पलायन कर रहे हैं। बुधवार को सरयू लाल निशान के बिल्कुल करीब पहुंच गई। शाम 4 बजे तक सरयू का जलस्तर 92.69 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो कि लाल निशान से मात्र 4 सेंमी नीचे है।
सरयू में उफान से कछार के क्षेत्रों में एक बार फिर से पानी घुसने लगा है। तटीय क्षेत्रों की आबादी व खेती की भूमि सरयू के बाढ़ की जद में आ गयी है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अभियंता विनय कुशवाहा के मुताबिक, शाम 4 बजे तक सरयू का जलस्तर 92.69 मीटर रिकार्ड किया गया है, जो कि लाल निशान 92.73 मीटर के बिल्कुल करीब है।
उन्होंने बताया कि पिछले 12 घंटे में सरयू के जलस्तर में 9 सेंमी की वृद्धि हुई है। मंगलवार की शाम सरयू का जलस्तर 92.60 मीटर रिकॉर्ड किया गया था, जो बुधवार की सुबह 9 सेंमी बढ़कर 92.69 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद सरयू के प्रवाह में स्थिरता आ गई है।
उधर, रुदौली तहसील के महंगू का पुरवा में कई मकान फिर से कटान की जद में आ गए हैं। जबकि माझा पूरी तरह से पानी से घिरा है, यहां मकान व आबादी की भूमि कट रही है। लोग पलायन कर रहे हैं। नाव न उपलब्ध होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
शहर से सटे निर्मली कुंड के आसपास भी खेती की जमीनें कटने लगीं हैं। पानी तेजी से बढ़ रहा है। सदर तहसील के पूरा बाजार के तटवर्ती इलाकों में भी लोगों में जलस्तर बढ़ने से चिंता सताने लगी है। सरयू के कटान के मुहाने पर खड़ी विकासखंड मया की तीन ग्राम सभाएं उनियार, भैरी पुर व शेरवा घाट का मजरा हुसैनपुर में भी खेती की भूमि की कट रही है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने बताया कि गिरजा बैराज, शारदा बैराज और बनबसा बैराज से पानी छोड़ने की मात्रा में कमी आई है, इसके कारण जलस्तर स्थिर खतरे के निशान के बिल्कुल पास स्थिर है। गुरुवार को जलस्तर धीरे-धीरे कम होता दिखेगा। जिलाधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि बाढ़ व कटान के मद्देनजर राजस्व विभाग व बाढ़ खंड को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।