त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक कसरत तेज है। मतदाता सूची, वार्डों के आरक्षण के साथ ही अब मतदान केंद्र और मतदेय स्थलों की व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अब तक की समीक्षा के अनुसार जिले के मतदान केंद्रों की संख्या में सौ से ज्यादा का इजाफा हो सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी का निर्देश दे दिया है। सबसे अहम पंचायत की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद अंतिम प्रकाशन कराया जा रहा है। प्रशासन के स्तर पर वार्डों के आरक्षण की कार्रवाई तेज है।
अब आयोग ने मतदान केंद्र व मतदेय स्थलों की व्यवस्था को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। इसके लिए निर्वाचन कार्यालय की ओर से सभी उप जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया। उनसे पुराने मतदान केंद्रों और स्थलों की समीक्षा के साथ ही नए केंद्र व स्थलों के बाबत प्रस्ताव मांगा गया।
बताया गया है कि फौरी तौर पर उप जिलाधिकारियों ने इसका प्रस्ताव भी भेज दिया है। जिले के मतदान केंद्रों में करीब 124 का इजाफा होने की संभावना है तो मतदेय स्थलों में सौ से ज्यादा की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
बताया गया है कि पिछले चुनाव में 797 मतदान केंद्र और 2605 मतदेय स्थल थे। अब तक भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक अब मतदान केंद्रों की संख्या 921 और मतदेय स्थल 2707 होने की संभावना है। हालांकि अभी इसकी समीक्षा की जा रही है।
आयोग के निर्देश पर सभी उप जिलाधिकारियों से मतदान केंद्र और मतदेय स्थलों की सूची मांगी गई है। जिलाधिकारी के स्तर पर इसकी समीक्षा के बाद प्रस्ताव आयोग को भेजा जाएगा। -सूर्यभान, सहायक निर्वाचन अधिकारी