बदहाल बुनियादी शिक्षा को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए बड़ी तादाद में शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खंड शिक्षाधिकारियों के औचक निरीक्षण में जिन स्कूलों में लापरवाही उजागर हुई, वहां के शिक्षकों के खिलाफ निलंबन, वेतन रोकने, वेतन काटने और स्पष्टीकरण की कार्रवाई हुई है। बीएसए योगेंद्र कुमार ने 10 शिक्षकों को निलंबित करने के साथ ही 20 अध्यापकों की वेतन कटौती और जवाब तलब किया है।
हैरिग्टनगंज प्राथमिक विद्यालय देवकली की आशा, प्रा. स्कूल ढेमा शिवबक्श राय के सुरेश व सूर्यप्रकाश, प्रावि. आदिलपुर के शैलेंद्र तिवारी, कमरूद्दीन तथा पूरा बाजार के प्राविद्यालय. शाहजहांपुर की ऋचा पांडेय, विजेता वर्मा, छाया तिवारी एवं हिजा फातिमा तथा पूर्व मावि. शाहजहांपुर की रामलली को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा मया के प्रावि. जरही के संजय कुमार व पूर्व मावि. जरही के प्रधानाध्यापक बृज किशोर, प्रावि. काजीपुर मांझा के देवेंद्र प्रताप व कृष्ण यादव तथा प्रावि. रामपुर पुवारी के अर्पित सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सोहावल के प्रावि. इटवा की आराधना सरोज, प्रावि. टंडवा के मदनलाल, प्रावि. वनपुकरा की कंचनलता, प्रावि. कोटडीह सरैया की गुड़िया राव व मसउदुल हसन, पूर्व मावि पिरखौली के दिनेश, रजिया सुल्ताना व गोविंद प्रसाद, प्रावि. सारंगापुर की अनीता का वेतन रोक दिया गया है।
मिल्कीपुर के प्रावि अरमारूपीपुर के प्रधानाध्यापक बिरला प्रसाद व यहां के दो अन्य शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध किया गया। सोहावल के प्राथमिक विद्यालय दिनकरपुर की हेमलता कनौजिया और मिल्कीपुर के प्रावि. देवरिया की ममता त्रिपाठी के खिलाफ एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई हुई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि नियमित तौर पर औचक निरीक्षण तब तक होता रहेगा जब तक बुनियादी शिक्षा पटरी पर नहीं आ जाती। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अध्यापकों की गोपनीय पड़ताल कराई जा रही है। जहां से भी रिपोर्ट मिल रही है, वहां की जांच प्रमुखता से कराई जा रही है।