जिला पंचायत की बैठक में मंगलवार को हंगामे के बीच जिले के विकास के लिए 10.17 अरब रुपये की जिला योजना को मंजूरी दे दी गई। जिला पंचायत सदस्यों ने सड़क, हैंडपंप और सौर ऊर्जा के प्रस्तावों समेत एक डॉक्टर का तबादला न होने को लेकर काफी देर तक हंगामा किया।
कुछ नेताओं और अफसरों के बीचबचाव के बाद कार्रवाई आगे बढ़ी और जिला योजना को मंजूरी मिल पाई। विकास भवन में हुई जिपं की बैठक में तमाम सदस्य नाराज दिखे। सदस्यों का कहना था कि पिछले दो बार से सदस्यों के प्रस्ताव पर जिला योजना से सड़कें दिए जाने का प्रस्ताव किया जा रहा है।
लेकिन लोक निर्माण विभाग प्रस्ताव लेकर भी कार्य नहीं करा रहा है। सदस्यों की यह भी मांग थी कि जिपं सदस्यों के प्रस्ताव पर 50 हैंडपंप और 50 सौर ऊर्जा दिए जाने की व्यवस्था की जाए। हंगामा तब और बढ़ गया जब सदस्य प्रियंका सेन के पिछली बैठक में प्रस्ताव के बाद भी हैरिंग्टनगंज सीएचसी के एक डॉक्टर का तबादला नहीं किया गया।
इसको लेकर सदस्यों ने व्यवस्था को लेकर काफी नाराजगी जताई और हंगामा किया। जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने बीचबचाव किया। आश्वासन दिया गया कि हैंडपंप और सौर ऊर्जा की व्यवस्था कराई जाएगी। सदस्यों के प्रस्ताव पर सड़क दिए जाने के लिए प्रभारी मंत्री से बात की जाएगी।
सीएमओ ने अगले तीन दिनों में संबंधित डॉक्टर का तबादला करने की बात कही। इसके बाद सदस्य शांत हुए और जिला योजना के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू कराई गई। बैठक में जिले के सभी 11 ब्लॉकों से आए 10 अरब 17 करोड़ 13 लाख 34 हजार रुपये के प्रस्ताव को चर्चा के बाद सदस्यों ने मंजूरी दे दी।
ब्लॉक स्तर पर विकास का जो खाका खींचा गया उसमें कई ब्लॉकों ने अरब से अधिक राशि की योजनाएं शामिल की हैं। मवई से 1.61 अरब, पूरा से 1.64 अरब, हैरिंग्टनगंज से 1.26 अरब और मया से 1.9 अरब रुपये के प्रस्ताव भेजे गए हैं।
रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने बैठक में रुदौली क्षेत्र के सिंचाई और सहकारिता कार्य अब भी बाराबंकी से देखे जाने को लेकर प्रस्ताव रखा। इसे स्वीकार करते हुए शासन को पत्र भेजे जाने की बात कही गई। बैठक की अध्यक्षता जिपं अध्यक्ष श्वेता सिंह ने की।
बैठक में अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्त, सांसद लल्लू सिंह के प्रतिनिधि ओमप्रकाश सिंह, सांसद विनय कटियार के प्रतिनिधि कृष्ण कुमार पांडेय खून्नू, ब्लॉक प्रमुख कमलेश यादव, रामप्रताप यादव, प्रियंका सेन, जिपं सदस्य व उनके प्रतिनिधि, परियोजना निदेशक एके मिश्र, सीएमओ आदि मौजूद थे।