लवेदी। मामा को छोड़कर लौट रहा युवक ट्रक की टक्कर से घायल हो गया। गंभीर हालत में युवक को आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। कागजी कार्रवाई में नाम गलत दर्ज होने के कारण शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
चिंडौली निवासी राकेश सिंह ने बताया कि उनका बेटा सूरज शुक्रवार को अपने मामा राजू को गांव से टेंपो से मूसानगर जाने के लिए बकेवर छोड़ने गया था। मामा को बकेवर में उतारने के बाद सूरज किसी काम के सिलसिले में दूसरे टेंपो से अजीतमल की ओर चला गया। पंचशील ढाबे के पास इटावा-औरैया मार्ग पर वह पैदल जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से सूरज गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
हादसे के कुछ देर बाद पीछे से आ रहे उसके मामा राजू को राहगीरों ने दुर्घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर फोटो दिखाकर उन्होंने घायल की पहचान सूरज के रूप में की। इसके बाद परिजन और राहगीर उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय रेफर कर दिया। सैफई ले जाते समय शाम करीब चार-पांच बजे के बीच सूरज ने दम तोड़ दिया।
आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में भर्ती की कागजी कार्रवाई के दौरान फाइल में नाम गलत दर्ज हो गया था। इस वजह से शुक्रवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र राठी ने बताया कागजी कार्रवाई पूरी कराने के बाद शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सूरज पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। करीब ढाई वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी।