इटावा। बीहड़ांचल क्षेत्र में चंबल के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं यमुना का जलस्तर भी स्थिर होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। दरअसल, लगातार बारिश और कोटा के बांध से पानी छोडे़ जाने से दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ गया था। मंगलवार को चंबल का जलस्तर 117 मीटर था जो बुधवार को 100 मीटर हो गया, वहीं यमुना का जलस्तर 120 मीटर पर बना हुआ है। हालांकि दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं।
जानकारी के अनुसार राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में हो रही लगातार बारिश एवं कोटा बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने लगा था। चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे स्थित ढकरा, गोपिया खार पत्थरा, अचल की मढै़या, कन्धावली, शेरगढ़ आदि गांव के ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया था। पिछले साल जिस तरीके से यमुना एवं चंबल नदियों ने अपने रौद्र रूप से ग्रामीणों का काफी नुकसान किया था और अनेकों परेशानियां हुई थीं। गौहानी, ढकरा, डिभौली इत्यादि गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया था। ग्रामीणों को डर सता रहा है यदि इसी रफ्तार से यमुना एवं चंबल नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बढ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में सभी को सचेत रहने की जरूरत है।
उप जिलाधिकारी सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि अब पानी बढ़ने की उम्मीद नहीं है। कोटा बैराज से छोड़े गए पानी को बंद कर दिया गया है। ग्रामीण घबराएं नहीं फिर भी सावधान रहें और नदियों के पास न जाएं।