फोटो 13- (फोटो 13) लखना के कालिका देवी मंदिर में पूजा करने को उमड़े श्रद्धालु। संवाद
फोटो 14- (फोटो 14) काली बांह मंदिर में लाइन में लगीं महिला श्रद्घालु। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन गुरुवार को मां ब्रह्चारिणी की पूजा की गई। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा तप, शक्ति, त्याग, सदाचार, संयम और वैराग्य में वृद्धि करती है और शत्रुओं का नाश करती हैं। शहर से लेकर जिले भर के छोटे- बड़े मंदिरों में सुबह से पूजा करने को भक्तगण पहुंचने लगे। माता रानी से सुखमय समृद्घि की कामना करते हुए माथा टेका और जयकारे लगाए। दर्शन करने के लिए भक्तों को लाइन लगानी पड़ी।
श्रद्धालुओं ने शहर में कालीबाड़ी मंदिर के अलावा श्रीकालीबाड़ी मंदिर, नौ देवी मंदिर, पुरोहितन टोला स्थित आनंदी माता की पूजा अर्चना की। कालीबांह मंदिर के बाहर मेला लगा हुआ है। श्रद्धालु सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिर में मां काली, लक्ष्मी और सरस्वती के दरबार में माथा टेकते रहे। शाम के घरों व मोहल्लों में महिलाएं देवी गीत व लांगुरिया का गायन कर रही हैं।
बकेवर क्षेत्र के कस्बा लखना में मां कालिका देवी मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्तगण परिवार के साथ पूजा करने पहुंचे। मंदिरों में पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लंबी कतारें लगीं रहीं। तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं देखने को मिली और जयकारे लगाते रहे। मंदिर परिसर जयकारों से गुंजायमान रहा। मंदिर के बाहर मेला लगा था।
जसवंतनगर क्षेत्र के गांव बलरई स्थित ब्रह्माणी देवी मंदिर में भी हाजिरी लगाने वाले भक्तगणों की संख्या अधिक रही। माता रानी के दरबार में पहुंचकर माथा टेका। मंदिर के बाहर नवरात्र का मेला लगा है।
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नगर में आस्था का केंद्र केला गमा देवी मंदिर
दूसरी ओर नगर की आराध्य देवी केला गमा देवी के मंदिर पर भक्तों की भीड़ लगी रही। यह मंदिर नगर के लोगों की आस्था का केंद्र है, जो मुख्य बाजार में छोटे चौराहा से करीब 200 मीटर की दूर स्थित है। मंदिर वर्षों पुराना है। जनचर्चा के अनुसार देवी मां पहले नीम के पेड़ के नीचे विराजित थीं। 1975 में इस मंदिर का निर्माण कराया गया। केला देवी मैया पर सुबह- शाम होने वाली आरती में बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो रही है। मंदिर की देखरेख शिव बरात उत्सव समिति करती है।