संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। गर्भवती व प्रसूताओं को बेहतर इलाज और माहौल उपलब्ध कराने में जिला महिला अस्पताल को 86 प्रतिशत अंक मिले हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उम्दा प्रदर्शन पर अस्पताल को नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (एनक्वास) सर्टिफिकेट और लक्ष्य प्रमाण पत्र मिला है।
सीएमएस डॉ. राम बिहारी ने बताया कि 10 और 11 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर की टीम ने महिला अस्पताल का निरीक्षण करते हुए टीम ने छह विभागों का निरीक्षण किया था। महिला अस्पताल के समस्त विभागों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 86 प्रतिशत अंकों के साथ नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेट प्राप्त किया। साथ ही प्रसव संबंधी बेहतर सुविधाएं देने के लिए लक्ष्य प्रमाण पत्र भी मिला।
जिला महिला अस्पताल के सर्जन व क्वालिटी हॉस्पिटल नोडल डॉ. अनिल ने बताया कि मातृ एवं नवजात शिशु में मृत्यु दर में कमी लाने के लिए प्रसव के दौरान एवं उसके बाद गुणवत्ता में सुधार लाने और जिला अस्पताल में सभी गर्भवती को सम्मान पूर्वक देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध कराना लक्ष्य प्रमाणन का मुख्य उद्देश्य होता है।
बताया कि जच्चा- बच्चा के लिए अच्छे अस्पतालों की श्रेणी में आने पर लक्ष्य प्रमाण पत्र दिया जाता है। प्रसव कक्ष को 89 प्रतिशत और ओटी को 81 प्रतिशत अंक मिले और हम निर्धारित मानक पर खरे उतरे। जिला परामर्शदाता क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. रहीसुद्दीन ने बताया कि तीन स्तरीय निर्धारित मानकों को पूरा करने पर एनक्वास का प्रमाण पत्र मिलता है।
जिसमें पहले स्तर पर इंटरनल दूसरे स्तर पर स्टेट टीम तीसरे स्तर पर नेशनल टीम ने जिला महिला अस्पताल का एसेसमेंट किया जिसमें 86 प्रतिशत अंक पाकर अस्पताल को एनक्वास प्रमाण पत्र मिला। हॉस्पिटल के क्वालिटी मैनेजर डॉ. सरताज ने बताया कि महिला अस्पताल में ओपीडी, मेटरनिटी वार्ड, एसएनसीयू, लैब, फार्मेसी, जर्नल एडमिन का एसेसमेंट हुआ और सभी विभाग निर्धारित मानक पर खरे उतरे।
बताया कि लक्ष्य प्रमाणन के तहत प्रोत्साहन राशि के रूप में लेबर रूम और ओटी को तीन-तीन लाख और एनक्वास के तहत पांच लाख रुपये प्रति वर्ष तीन वर्ष तक मिलेंगे।