बकेवर/महेवा (इटावा)। बकेवर थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में सोमवार को महिला का खून से सना शव बिस्तर पर पड़ा मिला। उसके चेहरे पर ईंट से और गर्दन पर धारदार हथियार से हमला करने के निशान मिले हैं। सूचना पर एसपी देहात और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच पड़ताल की। भाई ने पति, जेठ और ससुर पर जमीन के विवाद में हत्या करने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
वीरपुर गांव के राजाबाबू पत्नी, बडे़ बेटे और बहू के साथ रहते हैं। छोटा बेटा अजीत पाल पत्नी सोनी और बेटे नैतिक उर्फ बॉबी के साथ पड़ोस में दूसरे मकान में रहता है। अजीत का बड़ा बेटा ऋतिक उर्फ सनी औरैया के रूपपुरा में ननिहाल में रहता है। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे नैतिक गांव के प्राथमिक स्कूल में पढ़ने चला गया था। करीब नौ बजे वह घर लौटा तो मुख्य दरवाजा खुला था। अजीत घर पर नहीं थे। नैतिक ने मां को आवाज लगाई, उत्तर न मिलने पर कमरे में पहुंच गया। बिस्तर पर पड़ी मां के ऊपर से चादर हटाई तो वह खून से लतपत थीं। ये देखकर बच्चा रोने लगा। चीखपुकार सुनकर ग्रामीण पहुंच गए। ग्रामीणों ने खेत पर मौजूद सोनी के जेठ-जेठानी, सास-ससुर पहुंच गए। कुछ देर में सोनी का भाई मोहन भी पहुंच गया। उसने पति अजीत, जेठ पिंकू और ससुर राजाबाबू पर सोनी की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। भाई ने बताया कि सोेनी ससुर से पति के हिस्से की जमीन मांग रही थी। इसी कारण उसकी हत्या कर दी गई। एसपी देहात ने बताया कि मृतका के चेहरे पर ईंट मारने जैसे और गर्दन पर धारदार वस्तु के निशान मिले हैं। मृतका के भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
10 दिन पहले ही मायके से लौटी थी सोनी
बकेवर। ससुराल वालों से अनबन होने पर आठ साल पहले सोनी और उसके दोनों बच्चों को भाई मायके लेकर चला गया था। दस दिन पहले ही छोटे बेटे को लेकर ससुराल लौटी थी। सोमवार को घर में बिस्तर पर उसकी खून से सनी लाश पड़ी मिली।
सोनी देवी बकेवर थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव निवासी अजीत पाल की पत्नी थी। उसके भाई मोहन पाल ने बताया कि अपने पिता की खेती के काम में जीजा भी हाथ बंटाते थे लेकिन उन्हें खर्चे के लिए ससुर और जेठ कुछ नहीं देते थे। इससे घर चलाना मुश्किल हो जाता था। बहन ने कई बार ससुर से अपना हिस्सा देने की मांग की थी लेकिन उसकी नहीं सुनी गई।
करीब आठ साल पहले बहन और उसके दोनों बच्चों को मायके ले गए थे। वहां बच्चों को पढ़ा रहे थे। करीब छह महीने से एक-दो दिन के लिए सोनी वीरपुर आने लगी थी। मोहन पाल के अनुसार सोनी के पति अजीत की तबियत कुछ समय पहले बिगड़ गई थी। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। इस वजह से भी वह परेशान थी। अजीत का आगरा उपचार कराया था। अब वह ठीक थे। करीब दस दिन पहले बहन छोटे बेटे नैतिक को लेकर ससुराल आ गई थी।
स्कूल से फलाहार करने लौट था नैतिक
बेटे नैतिक ने बताया कि उसका सोमवार को उपवास था। स्कूल जाने से पहले उसने मां से फलहार मांगा था। मां ने कहा कि स्कूल चले जाओ, प्रार्थना के बाद फलहार करने आ जाना। इस पर नैतिक प्रार्थना होने के बाद घर लौटा था। नैतिक ने बताया कि पापा-मम्मी में एक-दो दिन पहले जमीन को लेकर झगड़ा हुआ था।
सोनी,फाइल फोटो। संवाद- फोटो : ETAWAH
जानकारी देता मृतका का बेटा नैतिक। संवाद- फोटो : ETAWAH