इटावा। शीतलहर की वजह से पड़ रही हड्डी गलाने वाली ठंड से बच्चों और उम्रदराज लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ठंड से अब लोग बीमार हो रहे हैं। गलन भरी ठंड पड़ने से जुकाम, सांस और ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
कड़ाके की ठंड का असर सोमवार को जिला अस्पताल में भी देखने को मिला। सोमवार को ओपीडी में 850 मरीज आए। इनमें यदि करीब ढाई सौ त्वचा रोगियों को निकाल दें तो शेष जुकाम, सांस और ब्लड प्रेशर के मरीज ही ज्यादा रहे। ठंड की वजह से रजिस्ट्रेशन कक्ष के बाहर भीड़ न के बराबर रही। चिकित्सक भी अपने कक्षों में आराम से मरीजों को देख रहे थे। रैन बसेरा के पास अलाव के पास लोग आग ताप रहे थे।
वरिष्ठ फिजिशियन डा. बीके शाहू ने बताया कि ठंड से सबसे ज्यादा परेशान बच्चे और 60 साल से ऊपर के उम्रदराज लोग है। ठंड में बच्चों को गर्म कपड़ों में रखें तथा उन्हें घर से बाहर न निकालें। उम्ररदराज लोग भी बेमतलब घर से बाहर न निकलें। ठंड से बचने के लिए गर्म पदार्थों का सेवन करें और आग तापते रहे।