जिले में वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों (गनर) को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उनका टेस्ट होगा। इसमें असलहा की बेसिक जानकारी न रखने वाले गनर तत्काल प्रभाव से हटाए जाएंगे। वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा को लेकर एसएसपी की ओर से यह निर्णय लिया गया है।
गौरतलब पहली मई को एसएसपी डा. राकेश सिंह की मौजूदगी में पुलिस लाइन में परेड के दौरान स्वचालित, अर्द्धस्वचालित रायफलों तथा आधुनिक पिस्टलों को खोलने एवं बंद करने का टेस्ट हुआ था। इसमें मौजूदा थाना प्रभारियों, क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम तथा मुख्य आरक्षी, आरक्षियों ने हिस्सा लिया था।
टेस्ट में अधिकांश पुलिसकर्मी असलहों को खोलने और बंद करने में अभ्यस्त नहीं पाए गए थे। इसी को ध्यान में रखते हुए एसएसपी ने निर्देश दिए हैं कि जिन पुलिस कर्मियों के कंधे पर वीवीआईपी के साथ वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी रहती है तथा जिस शस्त्र को लेकर वे चलते हैं, उसके बारे में उन्हें पूर्ण जानकारी होनी चाहिए।
एसएसपी के मुताबिक, जिले में वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा में लगे सभी सुरक्षाकर्मियों की परीक्षा ली जाएगी। फिर उन्हें शस्त्रों को खोलने व बंद करने के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद ही उन्हें वीवीआईपी और वीआईपी की सुरक्षा में लगाया जाएगा।
जिन सुरक्षाकर्मियों को प्रशिक्षण के बाद भी अक्षम पाया जाएगा, उन्हें गनर जैसे महत्वपूर्ण कार्य से हटा दिया जाएगा और उनके स्थान पर दूसरे को भेजा जाएगा। एसएसपी ने बताया कि जिले में कुल 58 गनर हैं, जो विभिन्न वीआईपी की सुरक्षा में लगे हुए हैं।
पुलिस लाइन में एसआई, मुख्य आरक्षी/आरक्षियों की सीईआर प्रत्येक माह लगाई जाती है। उन्होंने आरआई पुलिस लाइन को निर्देशित किया है कि प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था करके इन्हें आधुनिक एवं स्वचालित रायफलों,अर्द्धस्वचालित रायफलों, पिस्टलों को चलाने तथा उन्हें खोलने एवं बंद करने का अभ्यस्त करा दिया जाए।