इटावा स्टेशन के पूर्वी आउटर शंटिंग लूप लाइन का वह स्थान जहां कुएं को पाटा गया।
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इटावा स्टेशन के पूर्वी आउटर के निकट शंटिंग लूप लाइन के पास झमाझम बारिश के बाद ट्रैक के बीचोबीच पांच फीट गहरा गड्ढा हो गया। सूचना मिलने पर रेलवे ने इसे अस्थायी रूप से भरवा दिया। रेलवे पीडब्लूआई एनएस यादव ने ट्रैक के नीचे कुआं होने की बात स्वीकारी है। ट्रैक से टनों वजन के साथ मालगाड़ी माह में कई बार शंटिंग करती हैं। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इटावा रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर के आउटर पर गांधीनगर नाला पुलिया के पास खंबा नंबर 1155/21 के निकट बारिश के बाद शंटिंग ट्रैक के बीच लगभग पांच फीट गहरा कुआं दिखा। ये देख क्षेत्र के लोगों ने इसकी जानकारी रेलवे को दी। रेल अधिकारियों ने आनन फानन कुआं पाट कर ऊपर से मिट्टी डाल दी। लेकिन रविवार शाम एक बार फिर तेज बारिश में कुएं में भरी गिट्टी और मिट्टी तीन फीट नीचे बैठ गई। जिस पर रेलवे ने दोबारा कुएं में गिट्टी और मिट्टी भरकर कुएं की लीपापोती कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक के बीच गहरा गड्ढा देख वह अचंभित थे। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो पता चला कि ट्रैक के नीचे लगभग डेढ़ मीटर चौड़ा कुआं है। ईंटों से लग रहा था कि कुआं काफी पुराना है। रेलवे पीडब्लूआई एनएस यादव ने शंटिंग ट्रैक के नीचे कुआं होने के बात स्वीकारी है। उन्होंने कहा कि अभी अस्थायी रूप से कुएं को भरवाया गया है। बाद में स्थायी तौर पर इसे बंद कराया जाएगा।