फोटो 08::::घटिया अजमत अली में बारिश के बाद जलभराव में फंसी स्कूटी खीचते लोग। संवाद
:फोटो 10::::::::घटिया अजमत अली नाला के पास भरा बरसात का पानी। संंवाद
आगरा से इटावा जा रही सुल्तानपुर डिपो बस में 15 यात्री थे सवार
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। नगर पालिका प्रशासन के लाख दावे किए जाने के बावजूद मैनपुरी अंडरपास में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव मेें वाहनों का फंसना और खराब होने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। शाम चार बजे के बाद शुरू हुई तेज बारिश की वजह से अंडरपास में हुए जलभराव में आगरा से इटावा आ रही सुल्तानपुर डिपो की रोडवेज बस फंस गई।
इससे उसमें सवार करीब 15 यात्री बचाव के लिए शोर मचाते रहे। जानकारी मिलते ही नगर पालिका परिषद के सफाई नायक मुस्ते हसन पालिका कर्मियों के साथ जेसीबी लेकर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे बाद बस को पानी से बाहर निकाला। पानी में फंसने के बाद बस खराब होने पर उसे जेसीबी के जरिए आईटीआई चौराहा के नजदीक ले जाकर खड़ा किया गया। जबकि बस यात्रियाें को अन्य संसाधनाें से बस अड्डा व अन्य स्थानाें के लिए रवाना हुआ।
यात्रियों के अनुसार अंडरपास के बीच में बैरिकेडिंग होने के बावजूद बस रोकी नहीं लेकिन, पानी में पहुंचते ही बस फंस गई। कई दिनों से बारिश के दौरान मैनपुरी अंडरपास में होने वाले जलभराव में ज्यादातर अन्य डिपो की बसें ही फंसती आ रही हैं।
घंटों गुल रही बिजली, लोगों ने उठाई परेशानी
बारिश होने से जिला अस्पताल परिसर समेत अन्य स्थानों पर खासा जलभराव हो गया। भरथना चौराहा से नई मंडी जाने वाला रास्ता, दोनों ओर की सर्विस रोड, नई मंडी परिसर, फ्रेंडस कॉलोनी, घटिया अजमत अली व नाला, पुराना आगरा रोड, अजीत नगर,अड्डा जालिम, कुश कॉलोनी,अबुधावी कॉलोनी आदि क्षेत्रों में जल भराव की वजह से लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मोहल्लाें में जलभराव होने से लोगों के दोपहिया वाहन खराब होने पर उन्हें घसीटकर ले जाना पड़ा। हालांकि बारिश के बाद काफी देर तक बिजली गुल होने की वजह से लोगों को और भी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
वर्जन
रोडवेज बस के फंसने की जानकारी एआरएम सुल्तानपुर से मिली। बस को ट्रक से खिंचवाकर कार्यशाला में मंगवाएंगे, तभी पता लगेगा कि कहां-कहां पानी भर गया है। कहा कि अन्य डिपो के स्टाफ को निर्देश दिए जाते रहते हैं। बस अड्डा से घोषणा भी कराते रहते हैं बावजूद इसके दूसरे जिलो के चालक बस को रोकने की बजाए निकाल कर ले जाने का प्रयास करते हैं। जल्दबाजी के चक्कर में बस फंस जाती है।