फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंदनपुर गांव में बनी पानी की टंकी, नहीं बुझा रही लोगों की प्यास

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण पेयजल योजना के तहत बढ़पुरा ब्लाक के चंदनपुर गांव में बनी पानी की टंकी लोगों की प्यास बुझाने के काम नहीं आ सकी। करीब 15 साल पहले बनी पानी की टंकी बामुश्किल 15 दिन ही चल सकी।
विज्ञापन

इसके बाद पाइप लाइनों में पानी आते किसी ने नहीं देखा। गांव वालों ने एक भी कनेक्शन नहीं लिया। फलस्वरूप पाइप लाइनें भी टूट गई। अब वहां न तो कोई आपरेटर है और न ही कोई देखरेख करने वाला। ग्राम पंचायत ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं।
चांदनपुर गांव में जल निगम में वर्ष 2004-05 में पानी की टंकी का निर्माण कराया था।
करीब 2000 की आबादी वाले गांव में घर घर पानी पहुंचाने के उद्देश्य से टंकी का निर्माण कराया गया। गांव के गुड्डू दोहरे ने बताया कि पानी की टंकी बनने के बाद गांव में पाइप लाइन डलवाई गई। स्टेंड पोस्ट लगवाए गए।
विज्ञापन

इससे टंकी से ग्राम पंचायत के हिरनपुर, कोठी, नगला पृथ्वी एवं चांदनपुर को जोड़ा गया। इसके बाद यह योजना भी उदासीनता का शिकार हो गई। गांव के लोगों कनेक्शन नहीं लिए। फलस्वरूप पाइप लाइनों में पानी आना बंद हो गया।
पानी की टंकी किसी की भी प्यास नहीं बुझा सकी। यदि पानी टंकी चालू हो जाती तो इसमें लगने वाले गांव नगला पृथ्वी, कोठी, हिरनपुर व चंदनपुर में रहने वाले व्यक्तियों को लाभ मिलता। हर घर को आसानी से पानी सुलभ हो जाता।
लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी पानी की टंकी बेमानी साबित हो रही है। गांव निवासी सुदेश दोहरे, भिखारी लाल, प्रदीप, रामवीर, रामदास दोहरे ने पानी की टंकी से जलापूर्ति शुरू कराए जाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान रामशरण कठेरिया ने बताया कि जल निगम से पानी की टंकी को हैंडओवर किया जा चुका है। चारों गांवों में किसी भी व्यक्ति ने पेयजल कनेक्शन नहीं लिया।
एक भी कनेक्शन न होने के कारण पानी की टंकी पर आपरेटर की व्यवस्था भी नहीं रह सकी। गांव के लोग यदि कनेक्शन ले लेते हैं तो टंकी को चालू कराने पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें