चकरनगर। क्वारी नदी का जलस्तर शनिवार को 2.35 मीटर घट गया। शुक्रवार को 129.48 मीटर पर बह रही नदी का जलस्तर शनिवार को घटकर 127.18 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान 125.95 मीटर से करीब 1.23 मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर घटने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाला चंद्रहंसपुरा-पांडरी मार्ग वाहनों के लिए खुल गया। इससे क्षेत्र के करीब 100 गांवों के लोगों और अन्य जनपदों से आने वाले राहगीरों को राहत मिली है।
क्वारी नदी का जलस्तर घटने के बाद पांडरी बाबा मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिली। मंदिर परिसर से बाढ़ का पानी उतर गया है, जिससे शनिवार को श्रद्धालु आसानी से मंदिर पहुंचकर दर्शन करने लगे। इसके साथ ही गुरभेली से जहारपुरा होते हुए वैकल्पिक मार्ग भी खुल गया है। हालांकि कुरछा से होते हुए मुख्य मार्ग पर अभी भी पानी भरा होने से आवागमन प्रभावित है। कोटरा और बिरौनाबाग गांव के रास्ते में जगह-जगह कीचड़ जमा है। इससे ग्रामीणों और राहगीरों को निकलने में परेशानी हो रही है।
बाढ़ के बाद कीचड़ बना नई समस्या
क्वारी नदी में अचानक बढ़े जलस्तर के कारण गुरभेली, कोटरा और बिरौनाबाग गांव के मुख्य रास्तों पर पानी भर गया था। इससे ग्रामीणों का दो दिनों तक तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। शनिवार को नदी का जलस्तर घटने के बाद रास्तों से पानी तो उतर गया लेकिन अब जमा हुआ कीचड़ ग्रामीणों के लिए नई परेशानी बन गया है। रास्तों में कीचड़ जमा होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी उतरने के बाद रास्तों की तत्काल सफाई जरूरी है। कीचड़ नहीं हटाया गया तो दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल राहगीरों का निकलना भी मुश्किल है। ग्रामीणों ने पंचायत विभाग से रास्तों से कीचड़ हटवाने की मांग की है।