चकरनगर। कस्बे के बीहड़ी क्षेत्र के गांव कोला में स्थित कछरिया बाबा मंदिर के पास बुधवार को बीहड़ में बब्बर शेर, शेरनी और शावकों के देखे जाने की चर्चा रही। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज़ एजेंसी पुष्टि नहीं करता है। ग्रामीणों की सूचना पर सेंचुअरी की टीम गांव में पहुंची और बताए गए टीले पर पहुंचकर पगचिह्नों पड़ताल की। प्रथम दृष्टया तेंदुए के पगचिह्न होने की आशंका जता रही है।
ग्रामीण सुखवीर सिंह चौहान, भानु परिहार, लालजी गुर्जर, सूरज चौहान, पिंटू राठौर, छोटू चौहान, हरेंद्र परिहार और अमित परिहार बुधवार शाम करीब सात बजे ट्रैक्टर से गेहूं की फसल काट रहे थे। इन सभी के मुताबिक तभी पास के ही एक टीले पर किसी बड़े वन्यजीव के दहाड़ने की आवाज आई। जब उन्होंने उस ओर देखा तो टीले पर भारी भरकम बब्बर शेर बैठा हुआ था। इस पर मौजूद ग्रामीणों ने दूर से ही टीले पर बैठे वन्यजीव का वीडियो बना लिया। इसके बाद इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया और सेंचुअरी विभाग को मामले की जानकारी दी।
वहीं गांव के ही नकुल गुर्जर ने बताया कि वह गुरुवार सुबह शौच के लिए गया था तो उसने टीले के नीचे खाई में एक मादा शेरनी को दो बच्चों के साथ देखा। बीट प्रभारी वन दरोगा आशुतोष यादव, वन दरोगा गोविंद सिंह, वन रक्षक दिलीप कुमार और राहुल कुमार ने करीब दो घंटे तक बताए गए क्षेत्र में कांबिंग की। अधिकारियों ने बताया कि पगचिह्न छोटे हैं, जिससे यह शेर नहीं बल्कि तेंदुआ होने की संभावना अधिक है। घटना से गांव के लोगों में दहशत है। रेंजर सेंचुअरी चकरनगर कोटेश त्यागी ने लोगों से सतर्कता बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की है।