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इटावा: ठगी का शिकार लोगों ने किया प्रदर्शन

Sat, 18 Feb 2023 06:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा। चिटफंड कंपनियों की ओर से ठगी का शिकार हुए एजेंट और अन्य लोगों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम और एसएसपी को बताया कि कई साल पहले यह कंपनियां भाग चुकी हैं। इन पर मुकदमे भी दर्ज हुए लेकिन आज तक न तो किसी की गिरफ्तारी हुई और न ही उन लोगों को रकम वापस हुई। डीएम ने जांच का आश्वासन दिया है।
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पीड़ित जमाकर्ता परिवार संगठन के बैनर तले करीब 100 लोग शुक्रवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे। तख्तियां लेकर इन्होंने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मांग उठाई की ठगी करने वालों को पकड़कर उन लोगों को रकम वापस कराई जाए। लोग डीएम कार्यालय पहुंच गए। डीएम अवनीश कुमार ने एसएसपी संजय कुमार वर्मा को बुलाकर समस्या सुनी। संगठन की ओर से डीएम को ज्ञापन भी दिया गया। बताया कि जिले के करीब छह लाख लोगों से अलग-अलग चिटफंड कंपनियां 300 करोड़ से ज्यादा की रकम वसूल कर भाग गई हैं।
2014 से 2017 के मध्य इनके कार्यालय भी बंद हो चुके हैं। रकम डूबने पर पीड़ितों की ओर से अलग-अलग थानों में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई लेकिन किसी भी मुकदमे में आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुुई। उन लोगों की रकम भी वापस नहीं कराई गई। जिन लोगों ने एजेंटों को पैसा दिया था वह लोग घरों पर आकर तगादा कर रहे हैं। धमकी देते हैं और मारपीट तक पर उतारू हो जाते हैं। इससे उन लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। डीएम ने शिकायत सुनने के बाद इसकी जांच कराने का आश्वासन दिया है। प्रदर्शन करने वालों में संतोष कुमार, अगम बाबू, संतोष राजपूत, शिवमंगल सिंह, रामप्रकाश, तेज सिंह, रामबालक, लाखन सिंह, प्रेमचंद्र, हिमांशु, करन सिंह, कुंवर सिंह आदि लोग शामिल रहे।
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इन कंपनियों पर लगा ठगी का आरोप
संगठन के जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह ने बताया कि यूनीमैक्स कारपोरेशन लिमिटेड ने करीब 55 करोड़ की ठगी की है। यह कंपनी 2017 में भाग गई। धेनू ग्रीन इंडिया लिमिटेड ने करीब 65 करोड़ की ठगी की। यह कंपनी भी 2017 में भाग गई। केबीसीएल इंडिया लिमिटेड ने करीब 70 करोड़ की ठगी की। यह कंपनी 2017 में भाग गई। सांई प्रसाद प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 2014 में करीब 50 करोड़ रुपये लेकर चली गई। संकल्प ग्रुप कंपनी 2014 में 50 लाख का चूना लगाकर चली गई। ग्रीन परिवार निधि कंपनी और रियल स्टेट इंफ्राटेक प्राइवेट कंपनी भी करीब पांच करोड़ की रकम लेकर भाग गई। इन कंपनियों के संचालकों ने लोगों को साढ़े पांच साल में रकम दोगुनी या तीन गुनी करने का लालच दिया था। इसी कारण लोगों ने इसमें पैसा लगाया और बाद में ठग लिए गए।

लोगों ने बताई पीड़ा


बकेवर निवासी संग्राम सिंह ने बताया कि चिटफंड कंपनी में उन्होंने लोगों के करीब 20 लाख रुपये जमा कराए थे। साढ़े पांच साल में रकम दोगुनी करने का लालच दिया गया था। बाद में कंपनी भाग गई और रकम डूब गई।

शहर के मड़ैया ख्यालीराम मोहल्ले में रहने वाले अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने भी कई लोगों का खाता खुलवाकर 13 लाख रुपये चिटफंड कंपनी में जमा कराए थे। कंपनी 2014 में कार्यालय बंद कर भाग गई।

मकसूदपुरा मोहल्ले में रहने वाले कैलाश नारायण वर्मा ने बताया कि उन्होंने करीब 250 लोगों के 20 लाख रुपये जमा कराए थे। बाद में कंपनी भाग गई तो अब लोग उनसे तगादा कर रहे हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।

सिंधावली गांव निवासी कुसमा देवी ने बताया कि उनके करीब 10 लाख रुपये कंपनी लेकर भागी है। उनकी तरह कई और भी लोग हैं जिनके साथ ठगी की गई है। अभी तक दोषियों के खिलाफ पुलिस कुछ नहीं कर पाई है।
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