बसरेहर। स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. एके पालीवाल ने शुक्रवार को तीन सदस्यीय टीम के साथ सीएससी पर कायाकल्प के तहत कराए गए कार्यों का आकलन किया। दंत रोग की ओपीडी में डॉक्टर तो थे, लेकिन इलाज से संबंधित कोई उपकरण नहीं थे। एक मशीन थी, लेकिन वह भी खराब देखकर नाराजगी जताई।
टीम ने इलेक्ट्रिक हब कटर को देखकर उसे हटाने के निर्देश दिए। बताया कि अब यह तरीका बंद हो चुका है। डिस्पेंसरी में फार्मासिस्ट से दवाइयों के बारे में पूछताछ की। अस्पताल के गेट पर कैटल ट्रैक लगाने का निर्देश दिया। महिला डिलीवरी रूम की व्यवस्थाएं देखीं। सीएचसी परिसर में साफ सफाई, डॉक्टर के उपचार के तरीका, वार्डों की जांच की।
सीएससी अधीक्षक डॉ. विकास सचान ने बताया कि मुख्यालय पर उपकरणों के लिए चार बार लिखकर दे चुके हैं, लेकिन अभी तक उपकरण नहीं मिले। इस वजह से दांत के मरीजों की सही से इलाज नहीं हो पा रहा है। (संवाद)