इटावा। सफारी सड़क पर स्थित दरगाह के मामले में डीएफओ कोर्ट ने शनिवार को दोनों पक्षों को सुनने और प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। जल्द ही इस पर फैसला सुनाया जाएगा। दरगाह पक्ष के मुस्तकीम राईनी ने बताया कि उनके अधिवक्ता ने दरगाह के अस्तित्व से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं। एक उर्दू की किताब का भी हवाला दिया है। इस मामले के एक पक्षकार गुलशेर अहमद ने इस पर कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है। उनके अधिवक्ताओं ने वकालतनामा वापस लेने के लिए भी प्रार्थना पत्र दिया है। वन विभाग के रेंजर अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि गैर कानूनी तरीके से यह दरगाह बनाई गई है। इसके ध्वस्तीकरण को लेकर वाद डीएफओ कोर्ट में चल रहा है। जल्द ही इस फैसला सुनाया जाएगा। संवाद