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Etawah News: आंधी-पानी में शहरी व्यवस्था धड़ाम, ग्रामीण क्षेत्रों में आफत

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फोटो 15:: तेज आंधी के कारण ताखा क्षेत्र में जमीन पर गिरी मक्का की फसल। संवाद
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फोटो 16:: तेज आंधी के कारण जमीन पर गिरी सोलर प्लेट। संवाद
फोटो 17::चकरनगर में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए पेड़ की छंटाई करता ग्रामीण। संवाद
फोटो 18:: आंधी के कारण भरथना क्षेत्र में गिरी दीवार दिखाता ग्रामीण। संवाद
फोटो 19:: भरथना क्षेत्र में रात के समय बिजली आपूर्ति दुरुस्त करने का प्रयास करता बिजली कर्मी। स्रोत-निगम
फोटो 20:: रात के समय शहर के विजय नगर चौराहा के पास लाइन दुरुस्त करने का प्रयास करता बिजली कर्मी। स्रोत-निगम
- 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, ढहे मकान और 50 खंभे, रातभर गुल रही आधे जिले की बिजली
- भरथना में टिनशेड उड़ने से युवक लहूलुहान, ताखा में उड़ा 19 किलोवाट का सोलर प्लांट
- शहर के गंगाबिहार में 33 केवी अंडरग्राउंड केबल फटने से गुल रही कई बिजलीघरों की बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। आंधी-बारिश ने जिले की बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। गुरुवार रात करीब 10 बजे मौसम के करवट बदलते ही व्यवस्थाएं ढेर हो गईं। आंधी के कारण जिलेभर में 50 से ज्यादा बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही भरथना क्षेत्र में टिनशेड उड़ने से युवक घायल हो गया। आंधी-बारिश का कहर इस तरह बरपा कि 20 से अधिक पेड़ गिर गए और कई जगह सोलर प्लेटें टूट कर गिर गईं। आपूर्ति बहाल करने के लिए बिजली निगम के कर्मचारी शुक्रवार दिनभर मशक्कत करते हुए नजर आए। इस दौरान 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
शहर को बिजली आपूर्ति करने वाले कुनैरा पावर हाउस से निकलने वाली 33 केवी लाइन में गंगाबिहार कॉलोनी के पास अंडरग्राउंड केबल में बड़ा फॉल्ट हो गया। इसके चलते मैनपुरी फाटक और गुरुतेग बहादुर विद्युत उपकेंद्रों की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
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फॉल्ट का सिलसिला यहीं नहीं रुका बल्कि इसी बीच शहर के फ्रेंड्स कॉलोनी, अशोकनगर सहित बड़े हिस्से में रातभर अंधेरा पसरा रहा। इन्वर्टर जवाब दे जाने से सुबह पेयजल संकट गहरा गया। सुबह नौ बजे जैसे-तैसे आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन दिनभर ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज का खेल चलता रहा। इंजीनियरिंग कॉलेज और कालीवाह क्षेत्र में भी बिजली की आंखमिचौली से लोग बेहाल रहे।


19 किलोवाट का सोलर प्लांट उड़ा
ताखा। क्षेत्र में आंधी ने भारी तबाही मचाई। ऊसराहार-विधूना मार्ग पर अंकित गुप्ता के कारखाने की छत पर लगा 19 किलोवाट क्षमता का भारी-भरकम सोलर प्लांट उखड़कर दूर जा गिरा। इसके साथ ही भरतपुर खुर्द में सुरजीत की सोलर प्लेटें भी नष्ट हो गईं। इंदरगढ़ में एक विशाल पीपल का पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिरने से पोल टूट गया और किशनपाल के भूसा गोदाम के तीन टिनशेड उड़ गए। क्षेत्र के किसान रामप्रकाश, विपिन और अजय गुप्ता की मक्का की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। 25 से अधिक स्थानों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। (संवाद)


24 घंटे गुल रही 15 गांवों की बिजली

चकरनगर। तहसील क्षेत्र के चारों फीडर (चकरनगर, हनुमंतपुरा, भरेह और बिठौली) रातभर बंद रहे। सबसे ज्यादा तबाही हनुमंतपुरा उपकेंद्र के सिंडोस फीडर पर दिखी, जहां तेज आंधी से ग्रामीण व नलकूप लाइन के 12 बिजली पोल टूट गए। इसके चलते सिंडोस, बल्लो गढ़िया, खोड़न, जाजेपुरा सहित करीब 15 गांवों की बत्ती 24 घंटे तक गुल रही। बिजली न होने से गांवों में पानी की किल्लत हो गई है और नलकूप ठप होने से खेतों की सिंचाई रुक गई है। (संवाद)


उड़ती टिन लगने से युवक घायल

भरथना। क्षेत्र के ग्राम देवरासई में रात 12 बजे आंधी ने जमकर कहर बरपाया। गांव के शिव प्रसाद शाक्य के मकान की टिन उड़ गई, जबकि अरविंद कुमार और सुमित के मकानों की दीवारें भरभराकर गिर गईं। रतन कुमार के घर की चारा मशीन और सोलर सिस्टम क्षतिग्रस्त हो गए। इसी अफरा-तफरी के बीच उड़कर आई एक भारी टिन की चपेट में आने से आसके कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। भरथना कस्बे के गिरधारीपुरा, जवाहर सड़क और बालूगंज में भी रातभर फॉल्ट और ट्रिपिंग के कारण लोग सो नहीं सके। (संवाद)


फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश

बकेवर। क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के लिए यह मौसम वरदान साबित हुआ। तेज हवा के साथ हुई बारिश से मूंग, उड़द और मक्का की फसलों को लाभ हुआ है। जो किसान खेतों में सिंचाई की तैयारी कर रहे थे, उन्हें इस बारिश से राहत मिली है। हालांकि, सरायजलाल फीडर में फॉल्ट के कारण यहां भी शुक्रवार सुबह 10 बजे तक आपूर्ति बाधित रही। जेई आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली निगम की टीमें रात से ही काम पर लगी रहीं। अधिकांश प्रभावित इलाकों में शुक्रवार शाम तक बिजली पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी। (संवाद)मुख्य खबर का जोड़
मक्का को नुकसान
इटावा। गुरुवार रात जनपद में हुई बारिश का असर मिला-जुला रहा। जिले में 18,201 हेक्टेयर मक्का, 15,054 हेक्टेयर मूंग और 4502 हेक्टेयर उर्द की बोआई की गई थी। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस समय की बारिश से कोई ज्यादा नुकसान नहीं है। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज हवाओं से मक्का की फसल गिरने की बात सामने आई है। जिन किसानों को अभी हाल ही में अपनी फसलों की सिंचाई करनी थी उन्हें सहूलियत मिल गई है। (संवाद)
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वर्जन



गुरुवार रात आई तेज आंधी और बारिश से जिलेभर में बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई थी। एहतियात के तौर पर कई बिजलीघरों की आपूर्ति बंद कर दी गई थी। हालांकि कर्मचारियों ने तेजी दिखाते हुए कई जगह एक से दो घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल करवा दी। कुछ जगहों पर फॉल्ट न मिलने से आपूर्ति बहाल करने में ज्यादा समय लगा।-ऋषभदेव, अधीक्षण अभियंता
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