चकरनगर ब्लॉक के वार्ड प्रथम से जिला पंचायत सदस्य की सीट पर सपा व भाजपा दोनों दलों के प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे थे। जबकि निर्वाचन अधिकारी ने सपा स मर्थित प्रत्याशी शैलेश चौहान को विजयी घोषित किया था।
इससे भाजपा प्रत्याशी प्रभा देवी व उनके समर्थक सहमत नहीं थे। मतगणना स्थल पर मामला हल न होने पर दोनों दलों के प्रत्याशी अपनी-अपनी पार्टी के नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां एडीएम के सामने अपना-अपना पक्ष रखने गए।
एडीएम कोर्ट के सामने ही दोनों दलों के लोगों में गर्मा-गर्मी शुरू हो गई। पुलिस के सपाइयों को कलक्ट्रेट परिसर से बाहर करने को लेकर दोनों तरफ से तकरार भी हुई। शाम होते-होते यह तकरार नारेबाजी व हाथापाई में तब्दील हो गई।
हुआ यह कि एडीएम के चकरनगर वार्ड प्रथम की दोबारा गणना का आदेश दिए जाने पर सपाई उखड़ गए। शाम को निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष अभिषेक यादव उर्फ अंशुल कलक्ट्रेट पहुंच गए। इसके बाद सपा व भाजपा प्रत्याशी अपने-अपने एजेंट के साथ एडीएम के सामने दोबारा अपना-अपना पक्ष रखने उनकी कोर्ट में चले गए।
इसी दौरान अपनी गाड़ी में बैठे अंशुल से पुलिस कर्मियों ने गाड़ी बाहर ले जाने कहा। इसी बात से सपाई नाराज थे। उस वक्त को अंशुल समर्थकों के साथ वहां से निकल आए। पार्टी प्रत्याशी के एडीएम के यहां से लौटने के बाद अंशुल पार्टी नेताओं व समर्थकों के साथ इसी मामले को लेकर डीएम श्रुति सिंह से मिलने उनके आवास पर पहुंच गए।
इस दौरान पार्टी के कई नेता व कार्यकर्ता डीएम आवास के बाहर मजमा लगाए रहे। सीओ सिटी राजीव प्रताप सिंह ने सहकर्मियों के साथ उन्हेें हटाने का प्रयास किया, तो सपाइयों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर सीओ ने पुलिस वाहन मंगाया और सपाइयों को हिरासत में लेकर उन्हें गाड़ी में बिठाना शुरू कर दिया। इसी बात ने सपाइयों की नाराजगी बढ़ा दी।
सपाइयों ने हिरासत में लिए जाने का विरोध किया और फिर से नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस के जबरदस्ती वाहन में बिठाने जाने के लोकर पुलिस कर्मियों और सपाइयों में नोंकझोक के साथ ही हाथापाई शुरू होे गई। इससे डीएम आवास के बाहर का माहौल अफरा-तफरी में बदल गया।
उसी दौरान एडीडी कानपुर जोन भानु भाष्कर, एसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह व अन्य अफसरों के साथ जिले के मतदान केंद्रों का भ्रमण करते हुए डीएम आवास की तरफ से गुजरे। वहां सपाइयों व पुलिस में विवाद होता देख उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया।
तब तक एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसपी प्रशांत कुमार प्रसाद दलबल के साथ पहुंच गए। सभी अफसरों ने मिलकर सपाइयों व पुलिसकर्मियों को समझा कर मामला शांत कराया।
इस मामले में सिविल लाइंस थाने में जेल चौकी प्रभारी भानु प्रताप सिंह और मोती झील कैंपस चौकी प्रभारी धर्मेंद्र आर्य ने हंगामा करने वाले 70-80 सपाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें छोटे लाल, सुनील, शिवम, पुष्पेंद्र और दीपक समेत कई लोगों को नामजद किया गया है।
पुलिस धारा 144 के उल्लंघन की धारा 188,त महामारी अधिनियम समेत कई और धाराएं लगाई हैं। एसएसपी का कहना है कि कलक्ट्रेट परिसर व डीएम आवास के बाहर हंगामे के दौरान कराई गई वीडियोग्राफी व फोटोग्राफ्स से हंगामा करने वालों की पहचान करके कार्रवाई की जाएगी।