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यूपी: इटावा में 72 लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित, नोटिस जारी, बिकरू कांड के बाद दिए गए थे आदेश

Tue, 23 Mar 2021 08:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा मनीष निगम, अमर उजाला, इटावा
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बिकरू कांड - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के मद्देनजर पुलिस ने ऐसे लोगों के असलहों के लाइसेंस निलंबित करने शुरू कर दिए हैं, जिनके खिलाफ कोई मामला दर्ज है या जिन लोगों से चुनाव में गड़बड़ी फैलने की आशंका है। पुलिस मुकदमों में आरोपित ऐसे लोगों के खिलाफ लगातार रिपोर्ट भेज रही है।
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रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन उनके शस्त्र के लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस क्रम में 72 लोगों के असलहों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इनमें आपराधिक छवि व राजनैतिक दलों से जुड़े कई लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने अभी और ऐसे लोगों को चिन्हित करने का अभियान चला रखा है। 

पंचायत चुनाव के मद्देनजर एसएसपी आकाश तोमर ने लाइसेंसी शस्त्रों के जांच के आदेश मातहतों को दिए हैं। यह भी निर्देश दिए हैं कि जिनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं, उन लाइसेंस धारकों की अलग सूची बनाई जाए। पुलिस की जांच के दौरान फिलहाल 72 ऐसे लोगों के पास शस्त्र के लाइसेंस पाए गए हैं, जिनके खिलाफ कोई न कोई मुकदमा दर्ज है।
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इन सभी के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के लिए पुलिस ने डीएम को रिपोर्ट भेजी है। इस रिपोर्ट के आधार पर डीएम श्रुति सिंह ने 72 लोगों के शस्त्र के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके साथ ही सभी को नोटिस भी जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों के शस्त्र के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें कई अलग-अलग राजनैतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। जिन लोगों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनके बारे में अफसर कुछ बताने को तैयार नहीं हैं। 

बिकरू कांड के बाद दिए गए थे आदेश
कानपुर के चौबेपुर थानाक्षेत्र के बिकरू में हुई सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (मुठभेड़ में मारा जा चुका है ) और उसके साथियों के पास लाइसेंसी शस्त्र होने की बात सामने आई थी। इसके बाद शासन ने प्रदेश भर के पुलिस कप्तानों को लाइसेंसी शस्त्रों की जांच कराए जाने के आदेश दिए थे।

कहा गया था कि जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हैं, उनके शस्त्र के लाइसेंस निरस्त किए जाएं। इस आदेश के बाद पुलिस ने ऐसे लोगों को चिन्हित करने का अभियान चलाया है, जिनके के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और वह लाइसेंसी शस्त्रधारक हैं।
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