अमर उजाला खास
-1917542 लोगों में अभी तक सिर्फ 7,22,244 लोगों की बन सकी आईडी
-स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुली पोल, आईडी में बीमारियों का होता है विवरण
अजय द्विवेदी
इटावा। सरकार ने मरीजों को सुलभ इलाज मुहैया कराने को आभा एप आईडी बनाने के सख्त निर्देश दिए थे। जिले में 19,17,542 के कार्ड बनने थे। स्वास्थ्य विभाग ने आशा व एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन जागरूकता के अभाव में सिर्फ 7,22,244 लोगों की ही आभा एप पर आईडी बन सकी है। वहीं, अभी तक 11,95,298 लोग अभी तक आभा एप आईडी से वंचित हैं। यह पोल स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुली है।
आभा एप आईडी में मरीज को आधार कार्ड की तरह एक 14 अंकों का यूनिक नंबर दिया जाता है। इसमें मरीज को कौन-कौन सी बीमारी है। उसने अभी तक कौन-कौन सी जांच करवाई है। इन जांचों में मरीज को क्या निकला है आदि विवरण दर्ज होता है। आभा एप आईडी में मरीज को दिए गए यूनिक नंबर वह जब डॉक्टर को बताता है तो वह आईडी के माध्यम से मरीज के रोग के बारे में सारी जानकारी कर लेते हैं। उसी के हिसाब से उसका आगे का इलाज किया जाता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने आभा एप आईडी बनाने की जिम्मेदारी आशा को दी थी लेकिन लोगों के इस कार्ड के फायदों के प्रति अनजान होने से लाखों की संख्या में आईडी कार्ड नहीं बन सके हैं।
शहर व ब्लॉक वार बनी आभा एप आईडी
ब्लॉक का नाम कुल लोग कुल बनी आभा एप आईडी
इटावा शहर 314163 37771
भरथना 260957 104269
जसवंतनगर 239268 113433
बसरेहर 204188 94285
महेवा 297562 141491
चकरनगर 102133 34648
बढ़पुरा 200654 80129
सैफई 137135 59983
ताखा 161482 56235
कुल 1917542 722244
वर्जन-
जिले में आभा एप आईडी की प्रगति बढ़ाने के लिए सभी चिकित्साधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। जगह-जगह कैंप लगाकर छूटे लोगों की आभा आईडी बनाई जा रही है। साथ ही लोगों को आभा आईडी बनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। जल्द से जल्द सभी की आभा एप आईडी बना ली जाएगी। इसके बनने से मरीज समेत डॉक्टरों को बेहतर इलाज करने में मदद मिलेगी।
-डॉ. बीके सिंह, सीएमओ।