सैफई। चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई में अब कोई दोपहिया वाहन धारक बिना हेलमेट के प्रवेश नहीं कर सकेगा। ऐसा करने पर विश्वविद्यालय गेट पर ही उसे रोक दिया जाएगा। यह जानकरी विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि पिछले एक हफ्ते के दौरान विश्वविद्यालय के दो कर्मचारियों की सड़क दुर्घटना में हुई मौत को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 राजकुमार ने इसे गंभीरता से लिया है। तभी विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसा निर्णय लिया है।
कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों को दो पहिया वाहनों के साथ हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों को हेलमेट लगाकर वाहन चलाने के लिए प्रेरित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जागरूकता अभियान भी चलाएगा। पीजीआई परिसर में आने वाले मरीजों तथा उनके तीमारदारों को भी हेलमेट पहनने हेतु जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। कुलपति एवं न्यूरो सर्जन प्रो डॉ. राजकुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटना एक गंभीर और घातक समस्या है। पिछले एक हफ्ते के दौरान विश्वविद्यालय के दो कर्मचारियों की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष पूरे विश्व में हेड इंजरी से छह मिलियन लोग प्रभावित होते हैं। इसमें अकेले अपने देश में प्रतिवर्ष 1.5 मिलियन से ज्यादा लोगों के सिर पर चोट लगती है। 75 से 80 प्रतिशत हेड इंजरी सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती है। उन्होंने बताया कि हमारे देश में प्रति मिनट एक दुर्घटना होती है और हर 4 मिनट में दुर्घटना के कारण एक मौत हो जाती है।
प्रति कुलपति डॉ. रमाकांत यादव ने कहा कि हेड इंजरी से बचाव के लिए हेलमेट का प्रयोग करने के साथ ही शराब पीकर वाहन चलाने पर रोक लगानी होगी। इसके साथ ही ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन भी जरूरी है। उन्होंने सलाह दी की वाहन चलाते समय फोन का उपयोग बिल्कुल ही नहीं किया जाना चाहिए।