बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम वेंडरों से 45 लाख रुपये लूट के मामले में पुलिस ने दो कैश वेंडर को लूट के षडयंत्र में दोषी पाया है। एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी के सहायक प्रबंधक ने दोनों कैश वेंडरों के खिलाफ 64 लाख 26 हजार रुपये गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
गौरतलब है कि बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में कैश डालने का ठेका एसआईपीएल कंपनी के पास है। कंपनी ने इटावा निवासी मनोज कुमार व शुभम कुमार को कैश डालने के लिए रखा था। चार फरवरी को वह दोनों जब सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की कोठी के पास लगे एटीएम में कैश डालने के लिए गए थे। तभी बाइक सवार लुटेरों ने मनोज को गोली मारकर घायल कर दिया। उसके पास से 45 लाख कैश लूटकर फरार हो गए थे।
पुलिस ने जब छानबीन की तो मनोज व शुभम इस षडयंत्र में शामिल पाए गए। उन्होंने सहारनपुर के अपने दो साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। पुलिस ने उनके पास से 26.50 लाख रुपये बरामद कर लिए थे। इसके अलावा घटना के दूसरे दिन शुभम ने 18.50 लाख रुपये एटीएम में डाल दिए थे।
इस वारदात के बाद जब एसआईपीएल कंपनी ने जब इसकी छानवीन कराई तो कुल 64 लाख 26 हजार रुपये की हेरा फेरी पाई गई। कंपनी के सहायक प्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने मनोज व शुभम के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसओ सिविल लाइन ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मनोज व शुभम ने 45 लाख रुपये के लूटने का ड्रामा रचा था। इसके अलावा उन्होंने पहले से ही 19 लाख रुपये कम एटीएम में डाले थे। कुल मिलाकर 64 लाख 26 हजार रुपये का गबन किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।