चितभवन नहर पुल के पास मिले चार नवजात शिशुओं में दो की मौत पानी में डूबने से हुई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। लोकलाज के भय के चलते इन्हें फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। वहीं अन्य दो नवजातों की मौत का कारण साफ नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि शारीरिक विकृति के चलते उन्हें मृत अवस्था में फेंका गया।
पहला केस छह मार्च
चितभवन गांव में छह मार्च को नहर पुल के करीब दो नवजात शिशुओं के शव मिले थे। सीएमओ डा. राजीव कुमार यादव ने उनका पोस्टमार्टम कराया और इसकी जांच डिप्टी सीएमओ डा. वीरेंद्र को सौंपी थी। सर्जन पीयूष तिवारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि इन नवजातों की मौत पानी में डूबने से हुई है। डिप्टी सीएमओ डा. वीरेंद्र ने बताया कि दो शिशुओं में एक बालक और एक बालिका थी। दोनों नवजातों का पूरा गर्भकाल और सामान्य डिलीवरी रही है। उनके शरीर के किसी अन्य हिस्से में कोई इंजरी भी नहीं पाई गई। संभव है कि इन्हें फेंकने के पीछे पीछे लोक लाज का भय रहा हो। इसकी जांच कर रहे हैं।
दूसरा मामला 10 मार्च
वहीं 10 मार्च को इसी जगह दो और नवजात शिशुओं के शव मिले थे। इनका भी पोस्टमार्टम कराया गया। डा. एके वर्मा की रिपोर्ट में इनकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। इनके शरीर पर भी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। ये दोनों पेट से आपस में जुड़े थे। रिपोर्ट के अनुसार ऐसे शिशुओं की फीजियोलॉजी इस प्रकार की थी कि उनके जीवित रहने की संभावना बेहद कम रहती है। ऐसे में इन नवजातों के मृत अवस्था में फेंके जाने की अधिक आशंका है।
इन बिंदुआें पर होगी जांच
नवजात शिशुओं की बरामदगी के बाद स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा है। सीएमओ डा. राजीव कुमार यादव ने बताया कि जांच में अहम बिंदु तय किए गए हैं। एक तो इस बात की जानकारी की जाएगी कि क्षेत्र के इर्दगिर्द गांवों में कितनी गर्भवती महिलाएं पंजीकृत रहीं हैं। प्रसव की स्थिति क्या रही है।