निवाड़ीकला। ब्लॉक महवा के अंतर्गत रजबहे और माइनरों की टूटी पुलिया से एक ओर हादसों की आशंका सता रही है। दूसरी ओर संबंधित विभाग किसी अनहोनी से बेपरवाह होकर मरम्मत कराने के बजाय सिर्फ पेंटिंग करा रहा है। वहीं, सर्दियों में कोहरे की वजह से बड़ी दुर्घटना की आशंका है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है वह इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को कई बार कर चुके हैं। अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस बारे में देवेंद्र, रवि, रामौतार, राजाराम, दिनेश, महेश, मनोज का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र की ओर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं जाता। हालात यह हैं कि क्षेत्र के कई रास्तों की पुलिया या तो टूट चुकी है या जर्जर है। ग्रामीणों ने इन टूटी पुलियों की मरम्मत कराए जाने की मांग की।
अछल्दा- महेवा मार्ग से टड़वा-स्माइलपुर संपर्क मार्ग पुलिया की मरम्मत एक वर्ष पहले हुई थी कुछ दिन बाद ही यह जर्जर हो गई। पुलिया एक ओर सही है, लेकिन दूसरी ओर की रेलिंग लगभग खत्म हो गई है। ग्रामीणों का कहना है जब इसकी बाउंड्रीवॉल का निर्माण करवाया जा रहा है, तभी इसकी मजबूती की बात कही थी, लेकिन किसी ने उनकी एक न सुनी।
सुनवर्षा रजबहा में निवाड़ीखुर्द गांव की पुलिया की हालत भी बदहाल है। इस मार्ग पर वाहनों का अच्छा खासा आवागमन रहता है। पुलिया की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों को शाम ढलने के बाद आवागमन में काफी दिक्कतें आती हैं। कोहरा की वजह से हादसों की आशंका सता रही है। हैरानी है कि मरम्मत के बजाए इसकी पेंटिंग कर दी गई है।
ग्राम अलियापुर-लुधयानी मार्ग पर बनी पुलिया भी एक ओर से टूट चुकी है। इस मार्ग से एक सैकड़ा से अधिक गांवों के लोगों का भरथना और बकेवर आना-जाना होता है। कोहरे में ये टूटी पुलिया किसी भी दिन हादसे का कारण बन सकती है। वहीं, निवाड़ीकला के उत्तरी छोर पर स्थित पुलिया की बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त हो चुकी है। यह सड़क अछल्दा से महेवा नेशनल हाईवे को जोड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, दो वाहनों के आमने सामने आने और पार करने के दौरान हादसे का डर ही लगा रहता है। खेत में काम कर रहे किसान राम सिंह ने बताया कि पिछले दिनों एक साइकिल सवार गिरने से बाल-बाल बचा था।
इसके अतिरिक्त इंद्रावखी माइनर, कुशगवा, टड़वा, भिटारी, महेवा, नगला पलटू समेत कई अन्य गांवों की पुलिया भी जर्जर हालत में हैं।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मोहम्मद अख्तर ने बताया कि सड़क जिस विभाग है। पुलिया का निर्माण कराना उसी के अंतर्गत में आता है। ग्रामीण भी पुलिया निर्माण कराने को संबंधित विभाग प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।