जाति गोत्र दूसरा होने के कारण बिना दुल्हन बारात वापस कर दी गई। पंचायत के बाद लड़के वालों को दिया गया तिलक व अन्य सामान लड़की वालों को देने और लड़की वालों को मिला सामान लड़के वालों को वापस कर दिया गया।
बकेवर थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी एक व्यक्ति ने बेटी की शादी औरैया जनपद के चिरूहली गांव में तय की थी। लड़की का पिता सक्सेना जाति का है। उन्होंने जिसके यहां शादी तय की उन्होंने भी अपने को सक्सेना बताया था।
एक हफ्ते पहले तिलक आदि चढ़ने का कार्य होने के बाद शनिवार को लड़के वाले चिरूहली से बारात लेकर बिजौली गांव आए। द्वारचार होने के बाद लड़की वालों को पता चला की लड़के वाले उनके जाति गोत्र सक्सेना (भुर्जी) नहीं है बल्कि श्रीवास्तव जाति के है।
इस पर लड़की के पिता ने शादी करने से इनकार कर दिया। यह सुनते ही बारातियों में कानाफूंसी होने लगी। मौका पाकर कई बाराती खिसक लिए। लड़के वाले लड़की पक्ष से शादी करने की मिन्नत कर रहे थे लेकिन लड़की का पिता तैयार नहीं था।
जब गांव वालों को पता चला तो वो भी लड़की वाले के यहां आ गए। लड़के के घर वालों और कुछ रिश्तेदारों को छोड़कर बाकी बारात खाना खाकर चली गई। सुबह इस मामले को लेकर लड़की वाले के दरवाजे पर पंचायत बैठी। जिसमें ग्राम प्रधान व अन्य लोग भी शामिल थे।
लड़की का पिता किसी सूरत में शादी करने को तैयार नहीं हुआ। इस पर पंचायत लड़के वालों को तिलक व अन्य सामान और रुपये वापस करने और लड़की वालों को जो सामान लड़के वालों से लिया है उसे वापस करने का फैसला सुनाया। दोनों पक्षों ने पंचायत का फैसला स्वीकार किया।
इसके बाद लड़के वाले बिना दुल्हन के लौट गए। हालांकि दोनों पक्षों में से किसी ने पुलिस से कोई शिकायत नहीं की। थानाध्यक्ष बकेवर बिजेंद्र सिंह ने इस संबंध में किसी प्रकार की कोई जानकारी होने से इनकार किया है ।