इटावा। पीईटी समाप्त होते ही इटावा रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्टेशन पर दैनिक ट्रेनों के पहुंचते ही वे पूरी तरह फुल हो गईं। स्थिति को संभालने के लिए चार नॉन-स्टॉप और स्पेशल ट्रेनों को भी परीक्षार्थियों के लिए रोकना पड़ा। प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर भारी भीड़ के चलते ट्रेनों के एसी और स्लीपर डिब्बे जनरल कोच की तरह ठसाठस भर गए। सीट न मिलने से परीक्षार्थी गैलरी और पायदानों पर लटककर जोखिमभरा सफर करने को मजबूर हुए। हालांकि, रोडवेज बसों का सुचारु संचालन यात्रियों के लिए काफी राहत देने का प्रयास किया, लेकिन शाम सात बजे के बाद पहुंचे अभ्यर्थियों को इंतजार करना पड़ा।
शुक्रवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) का पहली पारी का पेपर दोपहर 12 बजे छूटा। रोडवेज परिवहन निगम ने परीक्षार्थियों के आने के लिए पहले ही रोडवेज बसें बस स्टैंड के बाहर खड़ी करवा दी थी। इससे परीक्षार्थी आते ही उसमें बैठकर गंतव्य के लिए रवाना हो गए। वहीं, इटावा जंक्शन पर परीक्षार्थियों का रेला टूट पड़ा। कुछ ही देर में प्लेटफॉर्म नंबर तीन परीक्षार्थियों से फुल हो गया। परीक्षार्थियों को देख आरपीएफ व जीआरपी को मोर्चा संभालना पड़ गया।
राहत भरी बात यह रही कि कुछ ही देर में मुरी एक्सप्रेस आ गई जो कानपुर जा रही थी। इस ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही परीक्षार्थी ट्रेन में चढ़ने को लेकर मारामारी करने लगे। कुछ ही देर में यह ट्रेन फुल हो गई। इसके बाद महानंदा एक्सप्रेस, आनंद बिहार-कानपुर स्पेशल ट्रेन आने पर यात्रियों ने परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए एसी कोच गेट अंदर से बंद कर लिए। परीक्षार्थी गेट खोलने को लेकर काफी देर परेशान रहे। बाद में आरपीएफ व जीआरपी की मदद से गेट खुलवाकर परीक्षार्थियों को बैठाया गया।
वहीं, दूर-दराज सेंटर वाले परीक्षार्थी करीब एक घंटे बाद रेलवे स्टेशन पर पहुंच पाए। ऐसे में उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर तीन ट्रेन के खड़ी देख दौड़ लगा दी। कई परीक्षार्थियों ने भागकर ट्रेन पकड़ी। वहीं, महिला परीक्षार्थी ट्रेन में चढ़ने से रह गईं। बाद में वह दूसरी ट्रेनों से रवाना हुईं। पीआरओ अमित कुमार ने बताया कि परीक्षार्थियों की संख्या को देखते हुए पांच स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। नॉन-स्टॉप ट्रेनों में भी अभ्यर्थियों को बैठाया गया। प्रयागराज से लगातार निगरानी की जा रही थी।
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नॉन-स्टॉप ट्रेनों से रवाना हुए परीक्षार्थी
पेपर छूटने के बाद इटावा जंक्शन पर परीक्षार्थियों की भीड़ एकत्र हो गई। इसकी जानकारी स्टेशन अधीक्षक पीएम मीणा ने टूंडला कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सीमांचल एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, 04489, 04098, 04064 नॉन-स्टॉप ट्रेनों को रोककर परीक्षार्थियों को बैठाया गया। इसके साथ ही अलीगढ़ से कानपुर सेंट्रल, फिरोजाबाद से कानपुर सेंट्रल, मथुरा- कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस, मैनपुरी-प्रयागराज एक्सप्रेस परीक्षा स्पेशल ट्रेनों से परीक्षा गंतव्य के लिए भेजे गए।
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सात बजे के बाद जालौन, आजमगढ़ की नहीं मिल सकी बस
शाम की पाली की परीक्षा छूटने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बस स्टैंड पहुंचे। यहां पहले से तैयार खड़ी बसों की वजह से अभ्यर्थियों को काफी राहत मिली, लेकिन शाम करीब सात बजे आजमगढ़ और जालौन की सीधी बसें नहीं मिलीं। रोडवेज एआरएम अमित कुमार ने बताया कि 10 बसें स्पेशल चलाई गई थीं। पांच अतिरिक्त में बसों को भी लगा दिया गया था। कुछ अभ्यर्थी जो रह गए थे, उन्हें दूसरे रूटों की बसों को उस रूट पर भिजवाकर कराया।
फोटो 16::: पेपर छूटने के बाद प्लेटफार्म नंबर तीन पर परीक्षार्थियों की भीड़। संवाद
फोटो 16::: पेपर छूटने के बाद प्लेटफार्म नंबर तीन पर परीक्षार्थियों की भीड़। संवाद
फोटो 16::: पेपर छूटने के बाद प्लेटफार्म नंबर तीन पर परीक्षार्थियों की भीड़। संवाद