जीएसटी अधिनियम को व्यापारी अवसर के रूप में लें। उससे घबराएं नहीं, क्योंकि भारत सरकार जीएसटी शीघ्र ही लागू करेगी। व्यापारी अपने बहीखातों को प्रतिदिन कंप्यूटर पर तैयार करें। ये बात आगरा से आए चार्टर्ड एकाउंटेंट एवं निदेशक नादर्न कोल फील्डस लिमिटेड (भारत सरकार) संजीव महेश्वरी ने कही।
शहर के दिल्ली पब्लिक स्कूल में सोमवार को हुई व्यापारियों की कार्यशाला में उन्हाेंने कहा कि समय-समय पर सभी प्रांतों के प्रतिनिधियों के साथ उसके प्रारूप को लेकर आवश्यक बैठकें हो रही हैं। कार्यक्रम आयोजक एकाउंटेंट और ट्रस्टी रुक्मिणी फाउंडेशन नई दिल्ली राजीव शारदा ने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को प्रतिमाह तीन रिटर्न फाइल करने होंगे। बिक्री के लिए जीएसटी आर-1 फार्म 15 दिन के अंदर फाइल करना होगा। 15 दिन में संशोधन कर सकते हैं। जीएसटी के अंतर्गत सीजीएसटी, एसजीएसटी एवं आईजीएसटी तीन तरह के टैक्स शामिल होंगे। जीएसटी कांउसिल द्वारा जो टैक्स रेट फाइनल किए गए हैं, वह चार श्रेणी में हैं।
कहा कि आयकर एवं डिजिटल इंडिया वर्तमान में आवश्यकता है। उन्होंने औरैया एवं इटावा से आए विभिन्न व्यापारियों, नौकरीपेशा, डॉक्टर्स, एडवोकेट से कहा कि वह बहीखातों एवं सभी तरह के रिटर्न एवं टैक्स समय पूर्व जमा कराने का प्रयास करें। नई दिल्ली से आए अवनीश सक्सेना ने भी विचार व्यक्त किए।
डीपीएस के चेयरमैन विवेक यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। सेमिनार की अध्यक्षता शांत प्रकाश जैन और संचालन निधि शारदा एडवोकेट, प्रेरणा जैन प्रधानाचार्य प्रमुख सागर पब्लिक स्कूल ने किया। इस दौरान बजरंग लाल अग्रवाल, अरविंद कुमार महेश्वरी, रजनीश मिश्रा, डा. एससी गुप्ता संजीव गुप्ता, मनोज गुप्ता, राजीव जैन, शरद पोरवाल, सुनील जैन, सुशील महेश्वरी, अवनीश सक्सेना, बृजेश दीक्षित, देवेंद्र यादव उपस्थित रहे।