ट्रैक की मरम्मत में जुटे रेल कर्मी
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की मैन की सूझबूझ से बड़ा रेल हादसा टल गया। ट्रैक टूटा देख की मैन ने लाल झंडी लगा दी। राजधानी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी। की मैन ने पटरी टूटी होने की जानकारी इकदिल और भरथना स्टेशन मास्टर को दी। अधिकारियों ने ट्रेनों को जहां-तहां खड़ी करा दी। पीडब्लूआई इकदिल को भेजकर ट्रैक की मरम्मत कराकर ट्रेनों का संचालन शुरू कराया गया। रेल ट्रैक टूटे होने की जानकारी पर जांच और गुप्तचर एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। रेल अधिकारियों से मामले की जानकारी लेती रहीं।
गुरुवार की सुबह लगभग सवा सात बजे की मैन सुमन इकदिल और भरथना स्टेशन के बीच ट्रैक चेक कर रहा था। सेंगर नदी पुल के खंभा नंबर 1144/1-3 पर अप ट्रैक के चकरेल (एसीजी) टूटा देख उसके होश उड़ गए। कुछ ही देर में इसी ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस आनी थी। ट्रेन को टूटे ट्रैक से पहले ही रोकने के लिए वह पूर्व की ओर दौड़कर तीन खंभों को पार करने के बाद चौथे खंभे पर पहुंचा और ट्रैक के बीचोबीच लाल झंडी लगा दी।
कुछ ही देर बाद सात बजकर 26 मिनट पर आ रही रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने ट्रैक पर लाल झंडी लगी देख इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। इससे ट्रेन टूटे ट्रैक से पहले ही रुक गई। ट्रेन रुकते ही की मैन ने ट्रैक टूटे होने की जानकारी ड्राइवर के साथ ही इकदिल और भरथना स्टेशन मास्टर को दी। ट्रैक टूटे होने की सूचना से रेल अफसरों में हड़कंप मच गया। कंट्रोल रूम को सूचना देकर ट्रेनों को जहां-तहां रुकवा दिया।
इसके बाद पीडब्लूआई इटावा को जानकारी देने के साथ ही पीडब्लूआई इकदिल को टीम के साथ मौके पर भेजा। टीम ने ट्रैक के सपोर्ट में लगी चकरैल बोल्ट के पास से टूटी पाई। इसके बाद ट्रैक पर काशन लगाकर धीमी गति पर 07 बजकर 52 मिनट पर राजधानी को पास कराया। इस दौरान शताब्दी और लिच्छवी एक्सप्रेस भरथना स्टेशन पर खड़ी रहीं। ट्रैक लगभग आधा घंटा बाधित रहा।
ट्रैक टूटे होने की सूचना से रेल अधिकारियों के साथ जांच और गुप्तचर एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया। जांच एजेंसियों ने इटावा स्टेशन के अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। दो दिन पूर्व आतंकियों द्वारा ट्रेन उड़ाने की प्लानिंग का खुलासा होने से जांच एजेंसियां आरपीएफ और अधिकारियों से जानकारी ले रही हैं।