बाल चिकित्सालय में व्यवस्थाओं को देेखते सैफई के डा. धीरज श्रीवास्तव व डा. बीएस अग्निहोत्री।
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नुमाइश चौराहे पर स्थित राजकीय बाल चिकित्सालय के दिन मंगलवार 26 अप्रैल से फिर जाएंगे और रिम्स सैफई के डाक्टर अस्पताल में कमान संभालेंगे। रिम्स के सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन के तहत यहां शुरू होेने वाले अरबन हेल्थ सेंटर में रिम्स के एमबीबीएस व जूनियर डाक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रकार अब बाल चिकित्सालय में प्रतिदिन दो सीनियर व दो जूनियर डाक्टर बच्चों क ो परीक्षण् करेंगे।
जिले में डाक्टरों की कमी के चलते पिछले लंबे समय से राजकीय बाल चिकित्सालय लगभग बंदी की कगार पर था। जिला अस्पताल के तहत संचालित इस बाल चिकित्सालय में जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती होती चली आई है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से जिला अस्पताल में वर्क लोड बढ़ने से बाल चिकित्सालय में नियमित रूप से डाक्टर नहीं बैठ पा रहे थे। इससे यहां प्रतिदिन आने वाले 100 से अधिक मरीजों को सप्ताह में कई बार ओपीडी में डाक्टर न होने पर बारंग वापस लौटना पड़ता था, जिससे यहां मरीजों का पहुंचना बंद ही हो गया।
जिला अस्पताल में सीएमएस पद से सेवानिवृत्त हुए डा. बीएस अग्निहोत्री के एक बार फिर से ज्वाइनिग के बाद से सप्ताह में दो दिन के लिए उनकी तैनाती यहां कर दी गई और अन्य दिनों में अस्पताल के दूसरे डाक्टरों के यहां बैठने का शिड्यूल बनाया गया, लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों से फुरसत न मिलने पर शिड्यूल प्रभावी सिद्ध नहीं हुआ। अब अस्पताल प्रशासन ने बाल चिकित्सालय को बेहतर रूप से चलाने की जिम्मेदारी सैफई रिम्स के डाक्टरों को सौंपी है।
रिम्स की सहमति पर अब यहां पर अरबन हेल्थ सेंटर शुरू होगा। इसके तहत मंगलवार से जिला अस्पताल के डाक्टरों के साथ सैफई के सीनियर व जूनियर डाक्टरों की टीम भी यहां ओपीडी करेगी। इस प्रकार से अब बाल चिकित्सालय में मंगलवार व शुक्रवार के दिन चार डाक्टर बच्चों का उपचार करेंगे। चिकित्सालय में मंगलवार सुबह 11 बजे से सैफई के डाक्टरों की टीम कमान संभाल लेगी और यहां आने वाले बच्चों का इलाज शुरू करेगी। यह टीम सप्ताह में मंगलवार और शुक्रवार को अपनी सेवाएं देगी, जुलाई से यह टीम प्रतिदिन मरीजों को इलाज देगी।