इटावा। 15 साल पुराने लूट के मामले में कोर्ट ने दोषी को तीन साल की सजा सुनाई और पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम कोर्ट नंबर सात आलोक कुमार श्रीवास्तव की ओर से यह फैसला सुनाया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि एटा जिले के किदवई नगर सिंहपुर निवासी राजीव कुमार वर्मा, पत्नी कल्पना वर्मा के साथ 25 जुलाई 2008 को डीएम चौराहे के पास स्थित अर्चना गुप्ता के नर्सिंग होम आए थे। घर जाने के लिए डीएम चौराहे के पास सवारी के इंतजार में खडे थे। तभी एक टैक्सी आई और उसके चालक ने बताया कि वह एटा जा रहा है। राजीव पत्नी के साथ उसमें सवार हो गए। टैक्सी में पहले से ही चार-पांच लोग और सवार थे। थोडी दूर निकलने पर टैक्सी में सवार बदमाशों ने तमंचा लगाकर राजीव वर्मा व उनकी पत्नी के पास से 10400 रुपये नकद, छह अंगूठी, कंठी, कुंडल, चूड़ी व अन्य सामान लूट लिया और मारपीट कर उन्हें टैक्सी से उतार दिया।
बाद में पीडित ने इटावा आकर इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन की। इस मामले में रामवीर उर्फ कबीरा उर्फ गुड्डू, प्रहलाद उर्फ दशरथ व नीलेश के नाम प्रकाश में आए। बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास से लूटा गया सामान भी बरामद हुआ। पुलिस ने इनके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए। राजीव वर्मा ने इनकी शिनाख्त भी की थी। बाद में रामवीर उर्फ कबीरा व प्रहलाद उर्फ दशरथ की पत्रावली अलग कर दी गई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कौशलेंद्र सिंह तोमर ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। उनकी ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने नीलेश को दोषी पाया और उसे तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।