इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारुल श्रीवास्तव ने बिजली विभाग की विजिलेंस टीम के साथ मारपीट कर रुपये छीनने के छह साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने उन पर दस-दस हजार का जुर्माना लगाया।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि बिजली विभाग की विजिलेंस टीम के प्रभारी ब्रजेश कुमार अपनी टीम के साथ चेकिंग के लिए निकले थे। 13 अक्तूबर 2017 को वह पुरविया टोला पहुंचे। बताया गया कि देव कुमार चोरी से कारखाना चलाता है। उन्होंने छापा मारा तो केबल में कट लगाकर बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया।
देव कुमार ने शोर मचाकर अपने परिवार के लोगों को बुला लिया। परिवार के लोगों के आ जाने पर उक्त लोगों ने टीम के साथ मारपीट कर सामान छीन लिया। तहरीर के आधार पर देव कुमार दिनेश कुमार व अंशुल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। छानबीन के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए।
सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी पाया और उन्हें तीन-तीन साल की सजा व दस-दस हजार का जुर्माना भी लगाया।