इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारुल श्रीवास्तव ने एक महिला के घर में घुसकर जेवर, नकदी लूटने के दस साल पुराने मामले तीन आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें पांच माह का अतिरिक्त कारावास काटनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फूलन देवी अड्डा निवासी सुनीता पत्नी कुलदीप ने आरोप लगाया था कि 20 अप्रैल 2013 की रात का को वह अपने बच्चों के साथ घर पर सो रही थी। उसका पति पावरलूम चलाने के लिए गया था। तभी रात करीब एक बजे के करीब उसके घर में उसका रिश्तेदार जसराम निवासी नगला राठौर जसवंतनगर कुंडी खोलकर अपने साथी ऋषि व रवि निवासी महलई के साथ उसके घर में घुस आया। उसके साथ मारपीट कर उसके पास से चेन, पायल व झाले के अलावा अन्य सामान लूट लिया।
लोगों ने धमकी दी कि शोर मचाया तो गोली मार देंगे। उसके बच्चे कमरे में सो रहे थे। इन लोगों को देखकर वह डर के कारण कोने में छिप गए। बाद में उक्त लोग उसे चारपाई से बांधकर जान माल की धमकी देते हुए उसके घर के बाहर रखे छप्पर में आग लगाकर चले गए। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग आए और उसे चारपाई से खोला। उसने कोतवाली जाकर तहरीर दी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बाद में उसने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर उसका मामला दर्ज किया गया। छानबीन के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश कर दिए। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने जसराम ऋषि व रवि को पांच-पांच साल की सजा व पांच-पांच हजार के जुर्माना से दंडित किया।