इटावा-कानपुर हाईवे पर हादसे का शिकार हुए छह लोगों में तीन किसान भी थे, इनके परिवार के लोगों को किसान दुर्घटना बीमा योजना से पांच-पांच लाख रुपये भी मिलेंगे। इसकी प्रक्रिया तहसील प्रशासन ने शुरू कर दी है।
बकेवर के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी योगेश उर्फ मोनू शर्मा मंगलवार रात सपा नगर अध्यक्ष राजेश यादव पुत्र ज्ञान सिंह की पिकअप पर कटहल लेकर इटावा नई मंडी जा रहे थे। पिकअल में बकेवर के सब्जी व्यापारी सगे भाई महेश कुशवाहा, बृजेश कुशवाहा, सगे भाई जगदीश, जागेश्वर और फल विक्रेता राजू पोरवाल भी थे। ये लोग सब्जी और फल लेने मंडी जा रहे थे।
हाईवे पर इटावा के अर्जुननगर मोहल्ला के सामने से गलत दिशा से आए ट्रक ने पिकअप में टक्कर मार दी। हादसे में राजेश, जागेश्वर कुशवाहा, जगदीश कुशवाहा, महेश कुशवाहा, बृजेश कुशवाहा और राजू पोरवाल की मौत हो गई थी। मृतकों में राजेश, जागेश्वर कुशवाहा, जगदीश कुशवाहा किसान भी थे।
बड़े भाई खेमसिंह ने बताया कि जागेश्वर और जगदीश के नाम जमीन है। पहले तीनों भाइयों के पास एक एकड़ जमीन थी। आधी बेचकर कुछ हिस्से में तीनों भाइयों ने मकान बनवा लिए थे।
अब तीनों भाइयों के बीच मात्र सवा दो बीघा जमीन ही है। सपा नगर अध्यक्ष राजेश यादव के नाम बकेवर में करीब दो बीघा जमीन है। राजू पोरवाल, महेश और बृजेश भूमिहीन थे।
महेश के बड़े भाई सर्वेश ने बताया कि तीन भाई सब्जी का ठेल लगाते थे और छोटा भाई अंकुल सूरत में मजदूरी करता है। एसडीएम इंद्रजीत सिंह ने बताया कि हादसे में मृत तीन लोगों के नाम खेतिहर भूमि होने की जानकारी मिली है।
लेखपालों को उनका ब्योरा जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। तीनों के परिवार के लोगों को किसान दुर्घटना बीमा योजना से सहायता दिलाई जाएगी।
मृतकों के घर में दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। पड़ोसियों ने बच्चों को अपने घर से ले जाकर खाना खिलाया। जागेश्वर जगदीश कुशवाहा के घरों पर अमरनाथ पिंटू आदि ने अपने घरों से खाना बनवाकर भेजा।
महेश कुशवाहा, बृजेश कुशवाहा के घरों पर पड़ोसी अजब सिंह, होमसिंह, पिंटू, महेंद्र आदि ने खाना बनवाकर भेजा। राजू पोरवाल के घर पर उसके बहनोई व एक सेवानिवृत्त शिक्षक उत्तम चंद ओझा के यहां से खाना भेजा गया। राजेश यादव के घर उनके पड़ोसी अखिलेश यादव के यहां से खाना भेजा गया।
हाईवे पर हुए हादसे में घायल व्यापारी योगेश शर्मा उर्फ मोनू की जेब से 2800 रुपये किसी ने पार कर दिए। योगेश ने बताया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर आया तो जेब में रुपये नहीं थे। उसका टच स्क्रीन मोबाइल फोन नहीं मिला है।