इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कल्पना द्वितीय ने दो बहनों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में तीन को दोषी पाया। कोर्ट ने इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडेगा। कोर्ट ने एक को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट दशरथ सिंह चौहान ने बताया कि बसरेहर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान की दो बेटियां 16 अप्रैल 2018 की शाम को खेत पर शौच के लिए गईं थीं। तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाग निकले थे। घर न लौटने पर परिजनों को खोजबीन में दोनों के शव एक खेत में पडे़ मिले थे। पुलिस ने छानबीन के बाद अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में रंजीत बाबू, आनंद कठेरिया, विनीत जाटव उर्फ जीतू, मुकेश जाटव व एक किशोर का नाम वारदात को अंजाम देने में प्रकाश में आया था।
पुलिस ने इन पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जीतू की निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया। पुलिस ने इनके खिलाफ हत्या, छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट आदि धाराओं में कार्रवाई की। विवेचना के बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किए। किशोर न्यायालय बोर्ड ने एक आरोपी को किशोर घोषित कर दिया। इस कारण से उसकी पत्रावली अलग कर किशोर न्यायालय बोर्ड भेज दी गई।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक के द्वारा पेश किए साक्ष्यों गवाहों के आधार पर कोर्ट ने विनीत जाटव उर्फ जीतू निवासी नबाबपुर, रंजीत व आनंद बाबू कठेरिया निवासी कैलामऊ को दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। मुकेश जाटव को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।