पाउच जिनपर मैन्यूफैक्चरिंग डेट और आईएसआई मार्क ही नहीं है।
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गर्मी का मौसम आने के साथ ही शहर में पानी को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। ऐसे में काले कारोबारियों ने अब पानी को ही कमाई का जरिया बना लिया है। आरओ वाटर के नाम पर शहरवासियों को सबमर्सिबल पंप से निकलने वाला सामान्य पानी ठंडा करके बेचा जा रहा है। शहर के भूगर्भ जल का टीडीएस(टोटल डिसॉल्वड सॉलिड) 450 है जो सामान्य से काफी बढ़ा है। मानक के अनुसार पानी में टीडीएस की मात्रा 150 होनी चाहिए। इससे अधिक टीडीएस होने पर मिनरल की अधिकता बीमारियों को जन्म देती है। यही कारण है कि शहरवासी आरओ वाटर पसंद कर रहे हैं। लेकिन शहर में बिक रहे पानी के पाउच व कै ंपरों में जो पानी बेचा जा रहा है, उनमें टीडएस सामान्य पानी की तरह ही है।
इस पानी को जहां एक ओर कैंपरों में भरकर सप्लाई किया जा रहा है तो वहीं पाउचों में भी पैक कर खूब कमाई की जा रही है। शहर वासियों को पानी के साथ बीमारियां बेची जा रही हैं। खास बात ये है कि सब कुछ जानते हुए भी विभाग आंख मीचे बैठे हैं। शहर के कई मोहल्लों में आरओ वाटर प्लांट भी चल रहे हैं जो पांच लीटर के कैंपरों में पानी भरकर इसकी सप्लाई प्रतिदिन शहर की दुकानों, कार्यालयों और घरों में कर रहे हैं। इसमें साधारण पानी ही है। इसे ठंडा कर कैंपरों में भरकर 15 से 20 रुपये प्रति पांच लीटर के दाम पर बेचा जा रहा है। ऐसे में लोगों को बीमारियां होने का खतरा है।
मैन्यूफैक्चरिंग डेट और आईएसआई मार्क नहीं
इटावा। इस समय शहर के गली नुक्कड़ों से लेकर दुकानों पर बिक रहे पानी के पाउच मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं। इन पर मैन्यूफैक्चरिंग डेट और आईएसआई मार्क नहीं है। दो रुपये प्रति के दाम पर बिक रहे इन पाउचों में से कई पर बेस्ट बिफ ोर थ्री मंथ तो लिखा है। लेकिन मैन्यूफैक्चरिंग डेट नदारद है।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नहीं दिया लाइसेंस
इटावा। जिले में दर्जनों पाउच और कैंपर फिलिंग प्लांट चल रहे हैं लेकिन इनमें से किसी क ो भी खाद्य सुरक्षा विभाग से इसके लिए अनुमति नहीं दी गई है। किसी को लाइसेंस नहीं दिया गया है। नगरपालिका भी इस मामले पर मौन धारण किए है। यही कारण है कि जनता पैसे चुकाने के बाद भी साधारण नल का पानी ही पी रही है।
जल्द चलाया जाएगा चेकिंग अभियान
इटावा। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नादिर अली ने कहा कि जिले में किसी को भी विभाग ने पाउच और कैंपर फिलिंग का लाइसेंस नहीं दिया है। शहर से बाहर से लाकर इनकी बिक्री कुछ व्यापारियों द्वारा की जा रही है। अगर शहर में पाउचों की फिलिंग हो रही है तो ये अवैध है। वह जल्द ही आरओ वाटर प्लांट और पाउच फिलिंग के विरुद्ध अभियान चलाएंगे।