बकेवर। लंपी बीमारी के बाद अचानक पशुओं की बिक्री में उछाल आया है। दुधारू पशुओं के भाव में काफी तेजी के चलते तमाम पशुपालक गाय भैंस खरीद नहीं पा रहे हैं। महज तीन माह के अंतराल में दुधारू पशुओं की कीमतों में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
पशुओं में फैली लंपी बीमारी के चलते व चारा की महंगाई के चलते तीन माह पहले तमाम पशुपालक अपने पशुओं को ओने पौने दामों में बेच दिए थे। इसके पीछे दो वजह बताई गईं। एक तो लंपी बीमारी और दूसरे चारे की महंगाई। लंपी बीमारी के डर से किसान पशुओं को खरीद कम रहा था, बल्कि उनको बेच अधिक रहा था।
अब जबकि लंपी बीमारी दूर हुई तो फसलों की बुबाई करने के बाद तमाम पशुपालक अपने लिए दुधारू पशुओं को खरीद रहे। अब दुधारू पशुओं की कीमतें अधिक हो गई है इससे पशुपालक पशु नहीं खरीद पा रहे है। तमाम ऐसे पशुपालक जिनकी गाय इस लंपी बीमारी में मर गई थीं। वह भी अब अपने घर परिवार बच्चों के लिए दूध का इंतजाम करने के तहत गाय भैंस खरीद रहे हैं।
बकेवर क्षेत्र के पशुपुरा स्थित पशु बाजार में लगे पशु बाजार में पशु की लेने आए ग्राहकों की भीड़ तो काफी दिखी, लेकिन खरीदारों की मांग के अनुसार दुधारू गाय, भैंस की उपलब्धता कम नजर आ रही थी। मूल्य काफी अधिक थे।
पशु बाजार संचालक मेजर पांडेय कहते हैं कि लंपी के चलते तमाम किसानों को पशुओं का नुकसान हुआ था। अब सीजन आने के चलते तमाम पशुपालक किसान दुधारू पशुओं को लेना चाहते हैं परंतु बाजार में मांग के अनुसार पशु की उपलब्धता कम नजर आ रही है।
मानिकपुर गांव से पशु लेने आए पशुपालक श्याम सुंदर ने बताया कि वह भैंस खरीदने आए हैं, लेकिन यहां भैंस व गायों के मूल्यों में काफी तेजी होने के चलते भैंस नहीं खरीद पा रहे हैं। वह घर से कुछ और सोच कर आए थे, लेकिन यहां आने के बाद स्थिति कुछ दूसरी नजर आ रही है। उनके पास जितने पैसे हैं उतने की भैंस नहीं मिल रही है। उससे कहीं अधिक की भैंस मिल रही है। इस कारण वह नहीं खरीद पाए।
औरैया जनपद के बिधूना से घर में दूध के लिए भैंस और गाय खरीदने आए अंशु बताते हैं कि पशुपालक बाजार में बेचने आए अपने पशुओं के तीन के तेरह दाम मांग रहे हैं। जो जर्सी गाय 25 हजार में मिल रही थी उसके अब 40 हजार मांग रहे हैं। इस कारण वह बिना खरीदे ही वापस जा रहे हैं। दाम की अधिकता के कारण भैंस नहीं ले सके।
चारे के भाव भी कुछ गिरे
करीब दो तीन माह पहले बारिश के कारण बाजरा की तमाम फसल नष्ट होने से भूसे का भाव 12 सौ से 15 सौ रुपये क्विंटल पहुंच गया था। करब की पुरी 50 से 60 रुपये प्रति पुरी बिक रही थी। इस कारण पशुपालकों के सामने पशुओं को रखने में समस्या आ रही थी, लेकिन अब इस समय पशु चारे के भाव में भी गिरावट आई है। भूसा एक हजार से 12 सौ रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है।
अंशु। संवाद- फोटो : ETAWAH
ग्राम परसुपुरा में लगा पशु बाजार। संवाद- फोटो : ETAWAH