इटावा। शहर में शादियों और समारोहों का सीजन शुरू होते ही आम जनता की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। शहर के बीचों-बीच और मुख्य मार्गों पर स्थित गेस्ट हाउसों में पार्किंग के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण मेहमानों के वाहन सड़कों पर खड़े हो रहे हैं। इसका सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है, जिससे घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
शहर के प्रमुख इलाकों, जैसे कि कचहरी सड़क, भरथना चौराहा और सिविल लाइन क्षेत्र में संचालित अधिकांश गेस्ट हाउसों के पास अपनी निजी पार्किंग की क्षमता बेहद सीमित है। जब भी कोई बड़ा आयोजन होता है, तो मेहमानों की गाड़ियां गेस्ट हाउस के बाहर आधी सड़क घेर लेती हैं। हालत यह है कि दोपहिया वाहनों के निकलने तक की जगह नहीं बचती है। स्थानीय निवासी रामप्रकाश ने बताया कि शाम ढलते ही इन रास्तों से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं होता।
यातायात पुलिस के लिए यह स्थिति गले की फांस बनी हुई है। टीआई सूबेदार सिंह और उनकी टीम को हर रोज शाम के समय घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिसकर्मी सड़कों से वाहन हटवाने की कोशिश करते हैं लेकिन वाहनों की संख्या इतनी अधिक होती है कि व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाता है। पुलिस कई बार गेस्ट हाउस संचालकों को नोटिस भी दिए गए लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यावसायिक भवन या गेस्ट हाउस के निर्माण के समय पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह छोड़ना अनिवार्य है। लेकिन शहर में खुलेआम इन मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रशासन की ढिलाई के चलते संचालक पार्किंग एरिया का उपयोग अन्य कार्यों में कर रहे हैं और वाहन सड़क की शोभा बढ़ा रहे हैं।