सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सरायभूपत के पास कार से
टकराकर ट्रक आग का गोला बन गया। कार भी क्षत विक्षत हो गई। कार सवार
पति-पत्नी सहित चार लोग घायल हो गए।
पति की हालत गंभीर है। उसे
सैफई रिम्स में भर्ती कराया गया है। ट्रक में लगी आग बुझाने में फायर
ब्रिगेड की दो गाड़ियों को दो घंटे का समय लगा। इस बीच दिल्ली-कानपुर हाइवे
पर यातायात भी बाधित रहा।
रविवार की दोपहर करीब एक बजे सिविल लाइन
थाना क्षेत्र के सरायभूपत से पहले नगला कंहैई गांव के पास दिल्ली की ओर जा
रही मारुति स्विफ्ट डिजायर कार का अचानक टायर फट गया।
इससे कार
असंतुलित होकर डीसीएम से टकराती हुई डिवाइडर क्रॉस करते हुए दूसरी ओर आ गई
और सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। इससे कार क्षत विक्षत हो
गई।
कार का टैंक फटने से पेट्रोल ट्रक के ऊपर पड़ गया और रकड़ से
ट्रक में आग लग गई। कुछ ही पल में ट्रक आग का गोला बन गया। हादसा होता देख
ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने सूचना पुलिस को दी।
कार में फंसे लोगों को गेट खोलकर बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों ने दूसरी
ओर से आ रहे ट्रक को रुकवाकर लोहे की राड मांगीं। चालक ने राड देने से
इनकार किया तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और ट्रक पर पथराव कर दिया।
किसी
तरह ग्रामीणों ने जानकीपुरम उत्तमनगर नई दिल्ली निवासी अरुण त्रिवेदी (35)
उनकी पत्नी नेहा (30), पत्नी के चचेरे भाई हिमांशु उर्फ भोलू (17), बहन
उमा उर्फ ब्यूटी (15) को कार से बाहर निकाला। 108 नंबर पर सूचना देकर
एंबुलेंस से घायलों को सैफई रिम्स भिजवाया।
सूचना के करीब सवा घंटे
बाद मौके पर फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस पहुंची। पुलिस और फायर ब्रिगेड के
देरी से आने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। बवाल की सूचना पर क्यूआरटी
के साथ सिविल लाइन, इकदिल, कोतवाली व वैदपुरा थाने की फोर्स पहुंची।
अफसरों
ने भीड़ को समझा बुझाकर आग बुझाना शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के
बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद ट्रक को जेसीबी की मदद से हटाया गया।