इटावा। जिले में कार्यरत रहे लेखपाल राजेश सिंह चौहान के खिलाफ सरकारी राजस्व अभिलेखों में जानबूझकर हेराफेरी करने और जालसाजी के आरोप में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुरवियाटोला निवासी प्रदीप कुमार सक्सेना न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया कि वह शहर में अपनी पुश्तैनी भूमि के मालिक हैं जिसकी पुष्टि वर्ष 1948 में सिविल कोर्ट द्वारा भी की जा चुकी है। पीड़ित का आरोप है कि तत्कालीन लेखपाल राजेश सिंह चौहान ने उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से क्षति पहुंचाने की नीयत से सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी की। आरोप है कि लेखपाल ने जानबूझकर नक्शे में वर्ष 1999 के स्थान पर 1998 दर्ज कर दिया।
इसके अतिरिक्त, राजस्व रिकॉर्ड (खेवट) में सालाराम दुबे के स्थान पर फर्जी तरीके से लालूराम दुबे नाम दर्ज कर दिया गया। अफसरों ने सुनवाई नहीं की तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, कोतवाली पुलिस ने 18 जनवरी को लेखपाल राजेश सिंह चौहान के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। प्रभारी निरीक्षक यशवंत सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज करके जांच की जा रही है।