बकेवर के ग्राम सुनवर्सा में एक 15 वर्षीय किशोर ने अपने पड़ोस में रहने वाले छह वर्षीय बच्चे के अपहरण का प्रयास किया। किशोर ने बच्चे के हाथ पांव बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस कर खेत में छोड़ दिया। किसी तरह रस्सी खोलकर बच्चा घर पहुंचा और परिजनों को जानकारी दी।
बालक का अपहरण करने वाले किशोर को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। ग्राम सुनवर्सा में रामदास प्रजापति का 6 वर्षीय नाती ओम रविवार शाम को अपने दरवाजे पर खेल रहा था। जिसे पड़ोस में रहने वाले एक 15 वर्षीय किशोर ने दस रुपये का लालच देकर खेत में बुलाया।
खेत में किशोर ने ओम के हाथ पांव बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। उसे खेत में छोड़कर किशोर लखना निवासी एक लड़के को फोन करने चला गया। इधर बालक ओम ने किसी तरह हाथ पैर की रस्सी खोल दी और सीधे भाग कर घर पहुंच गया। घर वालों ने उसके हाथ रस्सी से बंधे देखकर पूछा तो उसने रोते हुए पूरी बात बता दी।
बालक की बात सुनकर घर वाले सन्न रह गए। इसके बाद परिजन आरोपी किशोर को तलाश करते रहे लेकिन वह नहीं मिला। देर रात अपने घर की और जाते समय ग्रामीणों ने किशोर को दबोच लिया और पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में किशोर ने बताया की ऐसा उसने लखना कस्बे में रहने वाले एक लड़के के कहने पर किया था।
लखना के लड़के का उसके गांव में ननिहाल है। उसी ने बच्चे को पकड़कर देने के लिए कहा था। इसके बदले में एक तमंचा व तीन हजार रुपये देने का लालच दिया था। थाना पुलिस ने इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई प्रार्थनापत्र अभी तक नहीं मिला है। प्रार्थनापत्र मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।