फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etawah News: इच्छामती नदी के रास्ते दिल्ली पहुंची थी किशोरी

विज्ञापन
विज्ञापन
चार दिन तक पुरानी दिल्ली में किसी परिचित के यहां रुकी, दूतावास को दी गई सूचना
विज्ञापन




-एलआईयू टीम ने युवती की भाषा समझने के लिए ट्रांसलेटर को बुलाकर समझी पूरी बात



संवाद न्यूज एजेंसी



इटावा। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नगला उदी में शनिवार दोपहर को संदिग्ध हालत में मिली किशोरी पूछताछ में बांग्लादेशी निकली थी। बांग्ला भाषा बोलने से पुलिस अफसरों समेत अधिकारियों को शुरुआती जांच में दिक्कत हुई। बाद में ट्रांसलेटर व एआई के माध्यम से उसकी बात जानने की कोशिश की गई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। किशोरी बांग्लादेश व पश्चिम बंगाल के सीमा पर स्थित इच्छामती नदी के रास्ते भारत पहुंची थी। इसके बाद वह पुरानी दिल्ली गई। यहां वह चार दिन किसी परिचित के यहां रुकी। पुलिस अफसरों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों समेत दूतावास को दी है। पुलिस इस मामले में बड़ी बारीकी व गोपनीय ढंग से जांच कर रही है। साथ ही इस मामले में कुछ भी बताने से बच रही है।



शनिवार दोपहर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नगला उदी में ग्रामीणों ने किसी बाहरी किशोरी को संदिग्ध हालत में घूमते देखा। ग्रामीणों के पूछने पर वह बांग्ला भाषा में जवाब दे रही थी। ग्रामीणों ने दूसरी देश की किशोरी होने के शक में डायल 112 को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच जब किशोरी से पूछताछ की तो वह भी उसकी बात नहीं समझ सके। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी। इसके बाद किशोरी को महिला सुरक्षा में थाने लाया गया। यहां बांग्ला भाषा बोलने से उसकी बात समझने में दिक्कत आई। इसके बाद एलआईयू व पुलिस ने एआई व बांग्लादेशी ट्रांसलेटर के माध्यम से उसकी बात समझने की कोशिश की गई। इस दौरान किशोरी ने चौंकाने वाले तथ्य बताए। किशोरी ने बांग्लादेश-पश्चिम बंगाल की सीमा स्थित इच्छामती नदी के रास्ते भारत आने की बात कही। उसने यह भी बताया कि वह पश्चिम बंगाल से होते हुए पुरानी नई दिल्ली किसी परिचित के यहां चार दिनों तक रुकी। उसी ने उसे बागपत भेजने का टिकट करवाया था। गलती से वह दूसरी ट्रेन में चढ़ गई और इटावा पहुंच गई। किशोरी के पास बागपत का टिकट भी मिला है। अब पुलिस किशोरी से बताए गए तथ्यों की बड़ी बारीकी से जांच कर रही है। इसमें पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किशोरी बागपत में किसके पास जा रही थी और वह नई दिल्ली में कहां रुकी थी। वह किस परिचित के बोल रही है। क्या पुरानी दिल्ली में रहने वाला किशोरी का परिचित का बांग्लादेशी है। उसके नदी के रास्ते भारत आने में किसने मदद की। साथ ही किशोरी की बातों में कितनी सच्चाई है। पुलिस व खुफिया टीम इन सभी तथ्यों की जांच कर रही है। इससे हकीकत सामने आ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन




वर्जन-



शनिवार को नगला उदी में बांग्लादेशी लड़की मिली थी। उससे पूछताछ की गई तो बांग्ला भाषा बोलने से उसकी बात समझने में दिक्कत हुई। ट्रांसलेटर के माध्यम से उसकी बात समझने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही लड़की का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है। इसके बाद उसे मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया जाएगा। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक इस मामले में कुछ भी कहना ठीक नहीं है।अभय नारायण त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक सिटी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें