(फोटो 05 ) वार्ड में भर्ती बच्चे पर अंगोछा से हवा करती महिला। संवाद
(फोटो 06 ) कागज से चेहरे पर हवा करता बेड पर लेटा मरीज। संवाद
(फोटो 07) इमरजेंसी वार्ड में मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में मरीज देखते डॉक्टर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। बुधवार रात आई आंधी से जिलेभर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई। जिला अस्पताल में करीब साढ़े चार घंटे अंधेरा व्याप्त रहा। वार्डों में भर्ती मरीज गर्मी और उमस से परेशान रहे। समय पर दवा और खाना भी नहीं ले सके। पंखे न चलने से रूमाल, अंगोछा व चादर से हवा करके राहत पाने की कोशिश करते रहे। उधर, इमरजेंसी में डॉक्टरों ने मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में मरीज देखे।
बुधवार शाम से शुरू हुई आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया। रात करीब छह बजे जिला अस्पताल परिसर में सीटी स्कैन सेंटर के पास खड़ा पेड़ बिजली के तार पर टूट कर गिरने से परिसर में अंधेरा छा गया। बिजली गुल होने से सबसे ज्यादा परेशानियां वार्डों में भर्ती मरीजों को उठानी पड़ी।
अंधेरा और भीषण गर्मी की वजह से मरीजों को और भी ज्यादा मुश्किलें उठानी पड़ीं। तीमारदार उन पर हवा करके राहत पाने की कोशिश करते रहे। इमरजेंसी में यही हालत थे। यहां डॉक्टर ने मरीज मोबाइल के टॉर्च से देखे। सोलर लाइट और इन्वर्टर भी इमरजेंसी में फेल नजर आई। लगभग साढ़े छह घंटे बाद रात करीब साढ़े 10 बजे साढ़े चार घंटे बाद बिजली आने से मरीजों व उनके तीमारदारों की जान में जान आई।
वर्जन
आंधी में जिला अस्पताल परिसर में पेड़ पर तार टूटकर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि इन्वर्टर में बैकअप होने से चलते रहे। रात करीब 10 बजे बिजली आ गई थी। डॉ.आरके सिंह, प्रभारी सीएमएस